इंजीनियरिंग में दो से पांच और बीफार्मा और एमबीए की फीस में पांच से दस हजार की बढ़ोतरी 

इंजीनियरिंग में दो से पांच और बीफार्मा और एमबीए की फीस में पांच से दस हजार की बढ़ोतरी 

भोपाल 
प्रवेश एंव फीस विनियामक समिति ने सोमवार को प्रदेश इंजीनियिरंग, एमबीए, फार्मेसी सहित अन्य कोर्स को संचालित करने वाले 100 कालेजों की आगामी तीन सत्र 2019-20, 2020-21 और 2021-22 तक की फीस का निर्धारण कर दी है। इसमें इंजीनियरिंग और फार्मेसी में दो से पांच हजार और एमफार्मा और एमबीए में पांच से दस हजार रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। करीब तीन दर्जन कालेजों को आगामी बैठक में तलब किया गया है। 

फीस कमेटी ने सोमवार को इंजीनिरिंग, बीफार्मा, एमफार्मा, एमई,एमटेक और एमबीए के 100 कालेजों की फीस तय कर दी है। इसमें पांच दर्जन कालेजों की फीस में कोई परिवर्तन नहीं किया है। जबकि ढाई दर्जन कालेजों की फीस में बढ़ोतरी की गई है। इसमेंभोपाल, ग्वालियर और इंदौर के कालेज शामिल है। फीस बढ़ोतरी का कारण कालेजों में विद्यार्थियों के प्रवेश साठ फीसदी से ज्यादा होना हैं। अधिक विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के साथ उनका रिजल्ट देने में अच्छा प्रदर्शन रहा है। बढ़ोतरी फीस के हकदार कालेजों ने अग्रेडेशन हासिल करने के साथ फैकल्टी के मापदंड को पूरा किया है। वहीं विद्यार्थियों के हित में काभी कार्य किए हैं। कमेटी ने एक दर्जन कालेजों की फीस निर्धारित नहीं की हैं। 

तीन दर्जन कालेजों को नहीं दिया मौका 
कालेजों ने इंजीनियरिंग, बीफार्मा, एमफार्मा और एमबीए की फीस बढ़ोतरी की मांग की गई है। कमेटी ने अधिकातर कालेजों को दलीलों को ठुकरा दिया है। इससे उनकी फीस को यथावत रखा गया है, लेकिन ढाई दर्जन कालेजों का प्रदर्शन गत वर्ष काफी अच्छा रहा है, जिसके कारण उनकी फीस में बढ़ोतरी हुई है। कालेजों ने कमेटी के सामने अपना प्रेजेंटेशन देते हुए एक से सवा लाख रुपए तक की फीस की मांग की थी। सोमवार को 140 कालेजों को बुलाया गया था, जिसमें करीब तीन दर्जन कालेज अपने दस्तावेजों को पूरा नहीं कर सके थे, जिसके कारण उन्हें सात और दस जून को होने वाली आगली बैठक में तलब किया गया है। 

सुनवाई में जाएंगे कालेज 
कमेटी द्वारा तीनों सत्रों की फीस निर्धारित कर दी गई है। उन्होंने जो फीस मांगी थी, जिसे कमेटी ने देने से इंकार कर दिया था। अब ये कालेज अपीलीय प्राधिकारी के पास फीस बढ़ाने के लिए गुहार लगाएंगे। 

कालेजों की तरफ से फीस निर्धारित करने के लिए प्रस्ताव दिए गए थे। कमेटी की चर्चा में कई कालेजों की फीस को यथावत रखा गया है। चंद कालेजों की फीस में मामूली बढ़ोतरी गई है। 
कमलाकर सिंह, अध्यक्ष, प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति