ईरान का दावा, CIA के लिए जासूसी करनेवाले 17 अरेस्ट, कुछ को मौत की सजा
तेहरान
ईरान के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने सीआईए के लिए जासूसी करने के मामले में 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उनमें से कुछ को मौत की सजा दी गई है। अमेरिका ने ईरान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह ध्यान भटकाने के लिए किया प्रयास है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर ईरान के दावों को झूठा करार दिया।
ईरान ने कथित जासूसों में से कुछ को मौत की सजा सुनाई
कथित तौर पर सीआईए के लिए जासूसी करने वाले गिरोह का पिछले महीने भांडाफोड़ किया गया था। राजधानी तेहरान में ईरानी खुफिया मंत्रालय में गुप्तचर रोधी महकमे के प्रमुख ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने सफलतापूर्वक सीआईए जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। उनकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जान-बूझकर देश के साथ गद्दारी की है, उन्हें न्यायपालिका के हवाले कर दिया गया है। कुछ को मौत की सजा दी गई है तो अन्य को लंबे समय तक कारावास में रहने का दंड दिया गया है।
यह घोषणा ऐसे में समय हुई है जब अमेरिका-ईरान के बीच संबंध तनावग्रस्त हैं । अमेरिका ने 2015 को हुए परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया है तथा इस्लामी गणतंत्र पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं।
ईरान का दावा झूठ का पुलिंदा: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी खुफिया एजेंसी सीआईए के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के ईरान के दावे को झूठा करार दिया। ईरान के दावे को नकारते हुए इसे ट्रंप ने ट्वीट किया, 'ईरान के सीआईए के जासूसों को गिरफ्तार करने की खबरें पूरी तरह से झूठी हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है।'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेताया, और खराब होगी ईरान की हालत
जासूसों की गिरफ्तारी का खंडन करते हुए ट्रंप ने ट्वीट किया, 'बुरी तरह असफल धार्मिक शासन का और अधिक झूठ और दुष्प्रचार (ड्रोन मार गिराने जैसा)। उसे नहीं पता कि क्या करना है। उनकी अर्थव्यवस्था दम तोड़ चुकी है और उसकी इससे भी बुरी हालत हो जाएगी। ईरान पूरी तरह तबाह हो चुका है।'
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