उच्च शिक्षा विभाग: दोस्त को ही बना दिया अभिभावक, बढ़ने लगी विद्यार्थियों की उपस्थिति

उच्च शिक्षा विभाग: दोस्त को ही बना दिया अभिभावक, बढ़ने लगी विद्यार्थियों की उपस्थिति

भोपाल
सूबे के 1405 सरकारी और निजी कॉलेज दस माह बाद शत प्रतिशत खोल दिए गए हैं। कॉलेजों में पढ़ने के पहले विद्यार्थियों को अपने पालक की स्वीकृति लेना जरूरी है। राजधानी के अलावा राज्य के कई कॉलेजों में विद्यार्थियों ने अपने ही दोस्तों से अपने पिता के फर्जी हस्ताक्षर कराकर फार्मेट प्रोफेसरों को सौंप दिया है। इसके चलते कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ने लगी है।
 
उच्च शिक्षा विभाग ने कोरोना संक्रमण और विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए सूबे के 1405 कॉलेजों को शत प्रतिशत खोल दिया है। विभाग ने कॉलेजों में कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए हैं। विभाग ने पूरी जिम्मेदारी पालकों पर डाल दी है, ताकि भविष्य में कोई घटनाक्रम होता है, तो पूरी जिम्मेदारी पालकों पर आएगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पालक अपने विद्यार्थियों को कॉलेज भेजने को तैयार नहीं हैं, लेकिन विद्यार्थी दस माह बाद खुले कॉलेज में पढ़ने के लिए बेसब्र हो रहे हैं। इसलिए उन्होंने कॉलेजों में अपनी आमद दर्ज कराने के लिए विभाग द्वारा जारी फार्मेट पर अपने दोस्त, पड़ोसी और परिचितों से पालकों के फर्जी हस्ताक्षर कराकर प्रोफेसरों को थमा दिए हैं।

उक्त फार्मेट पर पालकों हस्ताक्षरों पर संदेह होने पर प्रोफेसरों मोबाइल पर काल कर पूछताछ की तो प्रोफेसरों को बताया गया कि उन्होंने किसी भी फार्मेट पर हस्ताक्षर कर बच्चों को नहीं दिए हैं। यह स्थिति भोपाल के हमीदिया, नवीन, भेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में सामने आई है। यहां तक राज्य के अन्य कॉलेजों में इसी तरह के फर्जी हस्ताक्षर वाले फार्मेट विद्यार्थियों द्वारा प्रोफेसर और प्राचार्य को दिए गए हैं। इस फर्जीवाड़े में छात्रों के साथ छात्राओं ने भी भागीदारी की है। इसके चलते नूतन, एमएलबी और गीतांजलि कालेज की छात्राएं सामने आई हैं।

फर्जी हस्ताक्षर कराकर कॉलेजों में आना शुरू कर दिया है, लेकिन उनकी उपस्थित कक्षाओं में नहीं रहती है। वे कॉलेज में अपने दोस्तों के साथ गार्डन में बैठकर गुफ्तगू करते हैं और वापस घर चले जाते हैं।

प्रदेश के कालेज में करीब बीस लाख विद्यार्थी प्रवेशरत हैं। इसमें उनकी उपस्थिति वर्तमान में सात संभाग में 52 जिलों में संचालित 1405 कॉलेजों में यूजी में विद्यार्थियों की उपस्थिति 24 फीसदी है। इसमें प्रथम वर्ष में सबसे ज्यादा तीस फीसदी रही है। वहीं पीजी में कुल उपस्थिति बीस फीसदी रही है। इसमें सबसे ज्यादा उपस्थिति बीस फीसदी द्वितीय वर्ष में दर्ज की गई है।