खजराना गणेश को पहनाया गया स्वर्ण मुकुट
इंदौर
मध्यप्रदेश के इंदौर में खजराना गणेश मंदिर पर 10 दिवसीय गणेश उत्सव गुरुवार सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन एवं शुभ-लाभ सहित सभी देवताओं को स्वर्ण मुकुट और मोतियों का चोला समर्पित करने के साथ शुरू हुआ. मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कलेक्टर निशांत वरवड़े, डीआईजी, नगर निगम कमिश्नर ने सपरिवार पहुंचकर पूजा-अर्चना की और ध्वजा पूजन कर 10 दिवसीय गणेश महोत्सव की शुरूआत की. भक्तों ने गणेशजी को सवा लाख मोदक भी समर्पित किए.
महोत्सव में प्रतिदिन शाम को गणेशजी को विभिन्न अनाजों के लड्डुओं का भोग चढ़ाया जाएगा. इनमें मूंग, चना, उड़द, ज्वार, बाजरा, मूंगफली, चवला, मक्का, ड्रायफ्रूट्स, मगज शामिल हैं. मंदिर के पुजारी अशोक भट्ट के मुताबिक मंदिर पर भक्तों के लिए महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर दर्शन व्यवस्था की गई है. एक साथ चार लाइनों में भक्त दर्शन कर रहे हैं.
233 साल पुराने मंदिर में प्रतिवर्ष सवा करोड़ से ज्यादा भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं. मंदिर को सालाना तीन करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि दान के रूप में प्राप्त होती है. 1785 में बने इस मंदिर में चमत्कारी मूर्ति है. यहां श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है, जिसके लिए वे यहां बंधन बांधकर जाते हैं. 16 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में अन्न क्षेत्र है, जहां रोज एक हजार लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता है.
यहां 8 बेड का हॉस्पिटल है, जहां 400 रुपए में डायलिसिस किया जाता है, जबकि निजी अस्पतालों में ये खर्च 1200-1500 रुपए है. मुख्य पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया ये प्रदेश का एकमात्र गणेश मंदिर है, जिसके लिए विधानसभा में एक्ट पारित किया गया. उन्होंने बताया कि दो करोड़ के गहनों से भगवान गणेश का श्रृंगार किया गया है.
bhavtarini.com@gmail.com
