जनता को चाहिए राशन, सरकार पिला रही भाषण: तेजस्वी
पटना
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि राज्य में सरकार सोई हुई है और जनता परेशान है। जनता को अभी राशन की जरूरत है और सरकार में बैठे लोग उन्हें भाषण पिला रहे हैं। लोग जान बचाने की तरकीब सोच रहे, सरकार चुनाव जीतने की। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया है कि उनके पास हेलीकॉप्टर है, वह बाढ़ की स्थिति का जायजा लें तो पता चलेगा लोग किस हालत में फंसे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना की परेशानी रोज बढ़ती जा रही है। ऊपर से बाढ़ ने तबाही मचा दी है। आरोप लगाया कि बाढ़ में फंसे लोगों को न तो निकालने की व्यवस्था की गई है और न ही उन्हें कोई सहायता दी जा रही है। इलाके में जाकर देखिये। ना तो कोई नेता दिख रहा है ना ही अधिकारी। प्रभारी मंत्री पता नहीं किसलिए बनाए गये हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रबंधन के नाम पर गड़बड़ी की जा रहा है। पहले से पता है कि पानी का दबाव किस लेबल तक बढ़ेगा। बावजूद सालभर में कोई तैयारी नहीं होती है। छपरा और दरभंगा प्रमंडल के साथ कोसी इलाके के लोग पूरी तरह परेशानी में है। सरकार सकारात्मक रुख ना अपना कर प्रतिक्रियावादी सोच से काम कर रही है।
प्रदेश जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि बिहार में नीतीश कुमार का कोई जोड़ नही है। आज बिहार का ऐसा कोई घर नहीं जिसे मुख्यमंत्री के कामों का लाभ न मिला हो। नई पीढ़ी जिसकी उम्र वर्ष 2005 में बहुत कम रही होगी, उन्हें बताने की जरूरत है कि वर्ष 2005 में नीतीश कुमार को कैसा बिहार मिला था। तब और आज के बिहार में अंतर बताने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पहली बार वोट डालने जा रही पीढ़ी को 15 साल बनाम 15 साल का फर्क समझाना है। नीतीश कुमार जैसी विश्वसनीयता किसी के पास नहीं है। नीतीश कुमार ने जो कहा, वो लागू किया। आज बिहार देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 60 साल से ऊपर के हर बुजुर्ग बिना किसी भेदभाव के पेंशन के हकदार हैं। नीतीश कुमार ने बिहार में ज्ञान की प्रतिष्ठा को फिर स्थापित की है। कहा कि जेडीयू के कार्यकर्ता चुनाव के लिए अक्सर तैयार हैं।
सरकार के एजेंडे में है चुनाव या फिर तबादला : राजद
राजद प्रदेश प्रवक्ता विधायक डा. रामानुज प्रसाद व महासचिव भाई अरुण कुमार ने आरोप लगाया है कि सरकार हर मर्चो पर फेल है। बाढ़ प्रबंधन से लेकर कोरोना के रोकथाम में कहीं भी सरकार सफल नहीं है। सरकार की रूचि केवल चुनाव पर चर्चा और तबादला में है। विधायक ने आरोप लगाया है कि कारोना का मामला सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गया है। अब बाढ़ से भी स्थिति विस्फोटक होने लगी है। लोगों में गुस्सा काफी है। जानवरों का चारा भी नहीं मिल रहा है। अस्पतालों में डॉक्टरों एवं नर्सों की भारी कमी है। उन्हें सुरक्षा किट नहीं दिया जा रहा है। कितने मरीज अपने वार्ड को छोड़कर भाग गए हैं। पूरा सचिवालय बंद है। बावजूद कई विभागों के अधिकारी ताबदले में लगे हैं।
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