जबलपुर : घर से चल रही थी एके-47 असेंबल करने की फैक्ट्री, 6 साल में 70 बेचीं

जबलपुर
 सेना से रिटायर्ड आर्मरर पुरुषोत्तम लाल रजक ने अपने घर में ही 6 सालों से एके-47 रायफल असेंबलिंग की फैक्टरी बना रखी थी। पुलिस ने गुरुवार को इसका खुलासा किया। पुलिस ने जबलपुर के गोरखपुर स्थित पंचशील नगर स्थित उसके मकान से एके-47 के कलपुर्जे और असेंबलिंग के भारी मात्रा में औजार बरामद किए हैं।

पुलिस ने इस काम में मदद करने के आरोप में उसके बेटे शैलेंद्र रजक , सीओडी के स्टोर मैनेजर सुरेश ठाकुर को गिरफ्तार किया है। एसपी अमित सिंह ने बताया कि आरोपितों ने कबूल किया है कि 6 सालों में इन्होंने 70 एके-47 रायफल असेंबल करके बेची हैं। इनका सरगना पुरुषोत्तम है।


रायफल के कलपुर्जे सीओडी के स्टोर मैनेजर (राजपत्रित अधिकारी ) सुरेश ठाकुर लाकर देता था। वह एक एके-47 के कलपुर्जे एक लाख रुपए में पुरुषोत्तम को उपलब्ध कराता था। असेंबलिंग के बाद पुरुषोत्तम एके-47 को 4 से 5 लाख में बेचता था। देशद्रोह से जुड़े इस बेहद गंभीर मामले में तीनों आरोपितों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। साथ ही पुरुषोत्तम की पत्नी चंद्रवती रजक की तलाश की जा रही है।

सेना में आर्मरर था, इसलिए सब पता था

एसपी ने बताया कि पुरुषोत्तम (51) भारतीय सेना में आर्मरर पद से वर्ष-2008 में सेवानिवृत्त हो गया। पुरुषोत्तम के पास एके-47 बनाने व सुधारने की पूरी जानकारी है। वह 2012 से अवैध रूप से एके-47 बेचने के धंधे से जुड़ गया। हथियार तस्करी करने पुरुषोत्तम ने सीओडी के स्टोर मैनेजर सुरेश ठाकुर से दोस्ती बढ़ाई और उसे रुपयों का लालच देकर सेना के उपयोग में नहीं आने वाली सीओडी के स्टोर में रखीं एके-47 के पार्ट्स चुराने का काम सौंपा था। सीओडी की सख्त सिक्योरिटी को चकमा देकर आरोपित सुरेश अपनी कार में एके-47 रायफल के खुले हिस्सों को रखकर बाहर लाता रहा।