जल संग्रहण की 85 परियोजनाएं सूखाग्रस्‍त इलाकों में शुरू: योगी सरकार  

जल संग्रहण की 85 परियोजनाएं सूखाग्रस्‍त इलाकों में शुरू: योगी सरकार  

लखनऊ
बुंदेलखंड क्षेत्र समेत प्रदेश के अतिदोहित इलाकों के लिए इस बार मानसून बड़ी राहत लेकर आने वाला है। यूपी सरकार की जल संग्रहण की 85 योजनाएं किसानों को बड़ी राहत देंगी। उत्‍तर प्रदेश सरकार सूखाग्रस्‍त और अतिदोहित इलाकों में पेयजल व खेती के लिए होने वाली पानी की किल्‍लत वर्षा जल से पूरी करेगी। योगी सरकार के इस बड़े कदम से बुंदेलखंड जैसे जल प्रभावित इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार केन्‍द्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से 2021-22 में वर्षा आधारित 31 जिलों समेत अतिदोहित व सूखा ग्रस्‍त क्षेत्रों के 4.50 लाख हेक्‍टेयर क्षेत्रफल में जल संग्रहण की 85 परियोजनाओं को शुरू किया है।

 मौसम विभाग के अनुसार इस साल 20 जून तक मानसून यूपी पहुंचने की उम्‍मीद है। विभाग ने बारिश की अच्‍छी संभावना भी जताई है। आमजन के साथ यह खबर सूखाग्रस्‍त इलाकों में रहने वाले लोगों व किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी। वर्षा जल संग्रहण परियोजना के जरिए इस साल सूखाग्रस्‍त इलाकों में पेयजल की समस्‍या काफी हद तक हल हो जाएगी। साथ ही किसानों को खेती के लिए आसानी से पानी भी मिल सकेगा। इसकी प्राथमिक परियोजना प्रतिवेदन (पीपीआर) तैयार करने की जिम्‍मेदारी ग्रेटर शारदा सहायक समादेश परियोजना अधिकारी को दी गई है। भूमि संसाधन विकास व केन्‍द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटरशेड योजना का संचालन किया जा रहा है।

 इसके संचालन के लिए जिला स्‍तर पर वाटरशेड सेल कम डेटा सेंटर (डब्‍लूसीडीसी ) और ग्राम पंचायत स्‍तर पर जल संग्रहण समिति का गठन किया गया है। इस योजना के जरिए गांवों में जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण करा कर वर्षा जल एकत्र कर सूखे की स्थिति में जल की कमी को पूरा करना है। वित्‍तीय वर्ष 2009-10 से 2018-19 तक 21219 जल संरचनाओं का निर्माण करते हुए 53978 हेक्‍टेयर क्षेत्रफल में अतिरिक्‍त सिंचन क्षमता विकसित की गई थी। इस योजना के जरिए 5,72,176 लाभार्थियों का कौशल विकास भी किया गया है। वित्‍तीय वर्ष 2021-22 के लिए कार्य योजना बन कर तैयार हो गई है। प्रदेश में 85 वर्षा जल संचयन परियोजनाओं के जरिए किसानों की पानी की किल्‍लत सरकार दूर करेगी।