पिछले एक महीने में बहुत बदल गई कोविड-19 लड़ाई की कहानी, कितनी खतरनाक है कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर
नई दिल्ली
भारत की कोविड-19 लड़ाई की कहानी पिछले एक महीने में बहुत बदल गई है। सितंबर के बाद जब भारत में कोरोना की पहली लहर चरम पर थी, तब लगभग आठ महीनों के लिए देश में दैनिक मामलों और मौतों में लगातार गिरावट देखी गई जिससे लोगों को राहत मिली। लेकिन फरवरी के मध्य से शुरू हुई इसकी दूसरी लहर अब डराने लगी है। दूसरी लहर कितनी बुरी है? क्या चीजें पहले जैसे ही तेजी से खराब होंगी?
1) इस बार मई 2020 के बाद से दैनिक मामलों में सबसे तेज वृद्धि देखी गई है।
2) 23 मार्च को खत्म हुए सप्ताह में भारत में हर दिन औसतन 42,162 नए संक्रमणों की सूचना मिली, ये 28 नवंबर, 2020 के बाद से सबसे अधिक 7-दिवसीय एवरेज है। पिछले हफ्ते, यह संख्या 25,137 थी। पिछले सप्ताह की तुलना में, हर एक दिन पिछले दिन की तुलना में 7.7% अधिक मामले देखे गए हैं।
3) पिछले सप्ताह में हर दिन औसतन 199 लोग कोविड-19 से अपनी जान गंवा चुके हैं। 13 जनवरी 2021 के बाद से ये सबसे अधिक मृत्यु दर है। एक सप्ताह पहले, औसतन हर दिन 140 लोगों की मौत हो रही थी। यह 22 जून, 2020 के बाद से होने वाली मौतों की उच्चतम वृद्धि दर थी।
4) फिलहाल जिस रेट से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, भारत 27 मार्च तक अमेरिका और 2 अप्रैल तक ब्राजील से आगे निकल जाएगी।
5) अभी ब्राजील दुनिया का सबसे कोविड का हॉटस्पॉट है। यहां औसतन हर दिन औसतन 75,570 नए मामले देखने को मिले हैं। अगला यूएस है, जहां पिछले सप्ताह में हर दिन कोविड -19 के औसतन 54,141 नए मामले देखने को मिले हैं।
6) कुल मिलाकर, देश भर में 11,554,894 कोरोना संक्रमित लोगों में से, मंगलवार रात तक कुल 159,615 लोगों ने जान गंवाई है। इससे कोरोना के चलते होने वाली मौतों की दर 1.4% पर है। यानी ये रेट अक्टूबर 2020 से अब तक जस के तस है।
7) उल्लेखनीय है कि 21 मार्च को कोरोना गाइडलाइन में होली का त्यौहार घरों मे मनाने के लिए आमजन से अपील की गई थी। आपको बता दें कि देश के अन्य राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित अन्य राज्यों ने भी कोरोना की दूसरी लहर से संक्रमण फैलाव में वृद्धि को रोकने के लिए होली और शब-ए- बारात के अवसर पर सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है।
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