ममता बनर्जी ने बंगाल में बीजेपी के विजय जुलूसों पर लगाया प्रतिबंध

ममता बनर्जी ने बंगाल में बीजेपी के विजय जुलूसों पर लगाया प्रतिबंध

 
कोलकाता 

बीजेपी पर पश्चिम बंगाल में हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि अब सूबे में बीजेपी के विजय जुलूसों को इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने पुलिस से कहा है कि इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। 
 
नॉर्थ 24 परगना जिले के निमता में मारे गए टीएमसी नेता के घर का दौरा करने पहुंची ममता ने कहा, 'मेरे पास सूचनाएं हैं कि बीजेपी ने विजय जुलूसों के नाम पर हुगली, बांकुरा, पुरुलिया और मिदनापुर जिलों में अव्यवस्था फैलाई है। अब से एक भी विजय जुलूस नहीं निकलेगा।' 
 
बनर्जी ने आगे कहा कि अब एक भी विजय जुलूस नहीं निकलनी चाहिए क्योंकि लोकसभा चुनाव के नतीजों का ऐलान हुए 10 से ज्यादा दिन हो गए हैं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई नेता राज्य में दंगों जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करेगा तो मैंने पुलिस को कानून के हिसाब से कार्रवाई करने और स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए कड़े ऐक्शन लेने को कह दिया है।' 

ममता बनर्जी ने गुरुवार को सीआईडी और दूसरी एजेंसियों के अधिकारियों के साथ निमता का दौरा किया जहां मंगलवार को बाइकसवार 4 से 5 अज्ञात हमलावरों ने टीएमसी नेता निर्मल कुंडु की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

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मुख्यमंत्री ने कुंडे के परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में पूरी जांच होगी और इंसाफ मिलेगा। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ एक हत्या की बात नहीं है...हमें साजिश रचने वाले का पता लगाना है। एक पार्टी रक्तपात और हिंसा क्यों कर रही है?' 

बनर्जी ने कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव में जब सूबे में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस संयुक्त रूप से कई सीटों पर जीत हासिल की तो किसी भी तरह की हिंसा या हत्या नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन बंगाल में बीजेपी में सीटों का फायदा होने के बाद हिंसा खत्म नहीं हो रही है।' 

बता दें कि पश्चिम बंगाल की कुल 42 लोकसभा सीटों में से सत्ताधारी टीएमसी ने 22, जबकि बीजेपी ने 18 सीटों पर जीत हासिल की है। बीजेपी का यह आंकड़ा 2014 में उसके द्वारा जीती गईं सीटों से 16 ज्यादा है। 

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ममता बनर्जी ने कहा, 'कुछ सब डिविजनों में जीतने के बाद बीजेपी आतंक की चिता जला रही है। बंगाल शांति की भूमि है और हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' 

मुख्यमंत्री ने इसका भी जिक्र किया कि लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण से पहले कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में किस तरह समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ दिया गया। 

उन्होंने मेघालय के राज्यपाल तथागत रॉय के उस बयान की भी निंदा की कि बंगालियों की महानता बहुत पहले ही जा चुकी है और बंगाली या तो 'फर्श पर झाड़ू लगा रहे हैं' या मुंबई में 'बार डांसर' हैं। 

ममता ने कहा, 'मैं बीजेपी के नेताओं से अपनी जबान काबू में करने को कहूंगी। वह अपने काम पर ध्यान दें, यही अच्छा है क्योंकि हमने चुनाव के दौरान वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमिटी का गठन कर दिया है।'