मस्जिद के बाहर खड़े होकर मुस्लिम भाईयों ने किया डोल ग्यारस के जुलूस का स्वागत
इंदौर
गंगा जमना तहज़ीब का ख़ूबसूरत नज़ारा खजराना में देखने को मिला। जहां हिन्दू-मुस्लिम ने मिलकर त्यौहार मनाए। जब खजराना में झंडा सिंह व्यायमशाला द्वारा ढोल ग्यारस पर जुलूस निकल रहा था। जुलूस जैसे ही खजराना गांव की जामा मस्जिद पर पहुंचा तो मस्जिद के द्वार पर कतारबद्ध माला लिए खड़े मुस्लिम भाइयों ने न सिर्फ हिन्दू भाईयों का स्वागत किया बल्कि उन्हें गले भी लगाया। खजराना के रहने वाले मुस्लिम समाज के युवा समाजसेवी अन्नू पटेल ने बताया माहौल उस वक़्त साम्प्रदायिक सौहार्द से भरपूर हो गया जब मुस्लिम समाज के अखाड़े के खलीफाओं और व्यायामशाला के गुरु,शिष्यों ने बनेठी घुमाई और करतब भी दिखाए।
मुस्लिम पंचायत खजराना के सदस्यों ने वरिष्ठजनों का साफा बांधकर स्वागत किया। इस अवसर पर एडिनल एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान सीएसपी एस. एस. तोमर, टीआई प्रीतमसिंह ठाकुर जैसे अधिकारी हिन्दू-मुस्लिम एकता का नज़ारा देखकर गदगद हो गए। मुस्लिम समाज ने झंडा सिंह व्यामशाला के उस्ताद खलीफा आदि का स्वागत किया गया इस अवसर पर अन्नू पटेल, पठान उस्ताद, मोहब्बत अली पटेल पहलवान, चांद खान पठान, सलीम अंकल, मोहन पाटीदार, घनश्याम पाटीदार व सभी उस्ताद खलीफा, मुस्लिम समाज के सभी वरिष्ठगण उपस्थित थे। मुस्लिम समाज के अन्नू पटेल ने बताया खजराना में सभी त्यौहार मिलजुलकर मनाने की परंपरा है। डोल निकलते हैं तो मुस्लिम समाज इस्तक़बाल करता है और ताज़िये निकलते हैं तो हिन्दू समाज अभिनंदन करता है।
इस बार भी भाईचारे के साथ त्यौहार मनाया जा रहा है। अन्नू पटेल ने कहा जब परिंदों में फिरकापरस्ती नहीं होती, कभी मंदिर पे जा बैठे तो कभी मस्जिद पर तो हम इंसान होकर क्यों लड़ें। खजराना के जागरूक लोगों ने गणेशोत्सव और मोहर्रम एक साथ मनाकर साम्प्रदायिक सौहार्द की ऐसी मिसाल पेशकर बता दिया कि इस देश की खूबसूरती आपस में मिलजुल रहने में ही है।
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