रूम-टू-रीड के साथ परियोजना विजयी कार्यक्रम की शुरूआत

रूम-टू-रीड के साथ परियोजना विजयी कार्यक्रम की शुरूआत

रायपुर
बालिकाओं को  अपनी शिक्षा को समय पर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने और जीवन को सफल तरीके से जीने के लिए आवश्यक कौशलों से परिचित कराने के उद्देश्य से राज्य में रूम-टू-रीड के साथ मिलकर परियोजना विजयी कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। आदिवासी विकास विभाग के साथ मिलकर यह कार्यक्रम 178 बालिका आवासीय संस्थाओं में संचालित हो रहा है। इनमें 93 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 52 आश्रम शालाएं, 28 पोटा केबिन और 5 अन्य बालिका छात्रावास शामिल है।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की उपस्थिति में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि 178 बालिका आवासीय संस्थाओं में कक्षा 6वीं से 8वीं तक की बालिकाओं को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। योजना के तहत बालिकाओं को स्व-जागरूकता (मैं महत्वपूर्ण हूं) में आत्मविश्वासी होनी की कुशलता, भावनाओं को व्यक्त कर पाना और उन पर काबू कर पाने की कुशलता, समानुभूति महसूस कर पाने की कुशलता सिखायी जा रही है। इसी प्रकार आत्मप्रभावकारिता (मैं सशक्त हूूं) में आत्मनियंत्रण की कुशलता, विवेचनात्मक सोच रखने का कौशल, निर्णय लेने का कौशल और निरंतर प्रयत्न करते रहने का कौशल, सामाजिक जागरूकता (हम कर सकतें हैं) में सम्प्रेषण का कौशल, रचनात्मकता से समस्या सुलझाने का कौशल और संबंधों को बनाए रखने की कुशलता, स्वजागरूकता (मैं महत्वपूर्ण हूं) में आत्मविश्वासी होने की कुशलता,  भावनाओं को व्यक्त कर पाना और उन पर काबू कर पाने की कुशलता, समानुभूति कर पाने की कुशलता, आत्म प्रभावकारिता (मैं सशक्त हूं) में आत्मनियंत्रण की कुशलता, विवेचनात्मक सोच रखने का कौशल, निर्णय लेने का कौशल और निरंतर प्रयत्न करते रहने का कौशल, सामाजिक जागरूकता (हम कर सकते हैं) में सम्प्रेषण का कौशल, रचनात्मकता से समस्या सुलझाने का कौशल और संबंधों को बनाए रखने की कुशलता सिखायी जा रही है।