अब जनता की घर वापसी की बारी, सरकार का प्लान तैयार
भोपाल.छात्रों और मज़दूरों के बाद अब मध्य प्रदेश और दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की घर वापसी का समय है. इन लोगों को अब उनके घर पहुंचाया जाएगा. एमपी में बाहरी राज्यों के करीब 20 हजार लोग और एमपी के करीब 50 हजार लोग लॉक डाउन के कारण फंसे हुए हैं. सरकार अब उन्हें घर भेजने की व्यवस्था कर रही है.
लॉक डाउन के कारण प्रदेश के बाहर के फंसे लोगों को अब सरकार राहत देने जा रही है. इसके लिए सरकार ने पॉलिसी तैयार कर ली है. सरकार इन्हें घर वापसी के लिए पास जारी करेगी. जो लोग अपनी गाड़ियों से बाहर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आए हैं,उन्हें उस ज़िले के कलेक्टर से अनुमति लेना होगी. इसके लिए कलेक्टर दफ्तर में गाड़ी का नंबर और अपनी जानकारी देना होगी. इसके बाद जिला स्तर पर उनके घर वापसी का पास जारी किया जाएगा.
MP के 50 हजार लोग फंसे
सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे मध्य प्रदेश के लोगों के भी घर वापसी की तैयारी की है. जो लोग अपनी गाड़ियों से दूसरे राज्य के टूर पर गए थे, उन्हें उस राज्य की सरकार के साथ बातचीत कर वहां से लौटने का इंतज़ाम किया जाएगा. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि दूसरे राज्य में रेड जोन में फंसे लोगों को फिलहाल आने की अनुमति नहीं होगी. एमपी के तकरीबन पचास हजार लोग बाहरी राज्यों में फंसे हुए हैं.इन लोगों ने राज्य सरकार से घर वापसी की परमिशन मांगी है.
मजदूरों की वापसी के लिए 31 ट्रेन
राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे प्रदेश के मजदूरों को वापस लाने के लिए 31स्पेशल ट्रेन चलाने की केंद्र से अपील की है. सबसे ज्यादा ट्रेन महाराष्ट्र से चलाई जाएंगी. तीन ट्रेन महाराष्ट्र से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचेगी. हर दिन एक ट्रेन रवाना होगी. 2 दिन बाद पहली ट्रेन महाराष्ट्र से प्रदेश के लिए रवाना होगी. इसके लिए सरकार ने 65000 मजदूरों की जानकारी जुटाई है. सरकार के मुताबिक 25000 लोगों को पोर्टल के जरिए जोड़ा गया है. गुजरात में अभी प्रदेश के 50 हजार मजदूर फंसे हुए हैं. मजदूरों की संख्या जुटाने के लिए हेल्पलाइन नंबर की सेवाओं को बढ़ाया गया है.
केंद्र से 12 सौ करोड़ के पैकेज की मांग
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से बारह सौ करोड़ रुपए का पैकेज देने की मांग की है. मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मुताबिक स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के लिए यह राशि मांगी गई है. साथ ही केंद्र सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपकरण देने की भी मांग रखी है.
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