छात्राओं का कपड़ा उतरवाने वालों को शिक्षा विभाग का क्लीन चिट, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

छात्राओं का कपड़ा उतरवाने वालों को शिक्षा विभाग का क्लीन चिट, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

जशपुर 
छत्तीसगढ़ के जशपुर में परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं के कपड़े उतार कर नकल जांच करने का मामला तुल पकड़ता जा रहा है. मामले में जिला शिक्षा विभाग ने फ्लाइंग स्कॉड टीम को क्लीन चिट दे दी है. शिक्षा विभाग का दावा है किया कि छात्रा ने कपड़े उतरवाने के कारण नहीं, बल्कि घर वालों द्वारा मोबाइलफोन छीनने के कारण आत्महत्या की है. हालांकि जशपुर कलेक्टर ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं और जांच दल भी बनाया दिया है. जांच दल को जल्द ही रिपोर्ट देने कहा गया है.

जशपुर के कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं. इसके लिए तीन सदस्यीय जांच दल गठित की है. इस जांच दल में बगीचा के एसडीएम डॉ. रवि मित्तल, तहसीलदार संजय राठौर, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी लीलावती पैकरा को शामिल किया गया है. कलेक्टर ने जल्द जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं.

बता दें कि जशपुर के जिला शिक्षा अधिकारी बीआर ध्रुव ने पंडरीपाठ में स्कूली छात्रा की आत्महत्या के मामले में उड़न दस्ता दल की जांच रिपोर्ट में क्लीन चीट दे दी गई है. जशपुर जिले के पंडरापाठ की स्कूली छात्रा ने कथित प्रताड़ना से तंग आगर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी. उड़न दस्ता दल पर छात्रा के कपड़े उतार कर जांच करनें के आरोप लगे थे. अब इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच प्रतिवेदन सौंप दिया है. जांच प्रतिवेदन में उड़न दस्ता दल से ऐसी किसी जांच से इंकार किया है. साथ ही अभिभावकों और रोष से भी जांच प्रतिवेदन में इंकार किया है.

गौरतलब है कि कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में लगभग 7 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहें है. दोनों कक्षाओं के पांच विषयों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है. अब तक प्रदेश में 21 नकल प्रकरण बनाए गए हैं, मगर जशपुर नकल प्रकरण और कथित प्रताड़ना के विषय में अधिकारी कुछ भी कहनें से बच रहें है.