देश में तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द होना ‘अत्यंत गंभीर’
नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड से जुड़े नहीं होने के कारण करीब तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द किए जाने को बुधवार को ‘अत्यंत गंभीर’ मामला बताया और इस मामले पर केंद्र सरकार एवं सभी राज्यों से जवाब मांगा। चीफ जस्टिस (सीजेआई) एस ए बोबडे और जस्टिस एसी बोपन्ना एवं जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन की बेंच ने कहा कि इसे विरोधात्मक मामले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह बहुत गंभीर मामला है। बेंच ने कहा कि मामले पर अंतिम सुनवाई होगी।
यह विरोधात्मक मुकदमा नहीं : बेंच ने कहा, हम आपसे (केंद्र से) आधार कार्ड मामले के कारण जवाब मांग रहे हैं। यह विरोधात्मक मुकदमा नहीं है। हम अंतत: इस पर सुनवाई करेंगे।
नोटिस जारी किए जाए, जिन पर चार सप्ताह में जवाब दिया जाए। लेखी ने कहा कि इस मामले में नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं और केंद्र का जवाब रिकॉर्ड में है। गोंजाल्विस ने कहा कि नोटिस मुख्य याचिका पर नहीं, बल्कि वैकल्पिक शिकायत निस्तारण पर जारी किया गया था। उन्होंने कहा, मुख्य मामला तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द किया जाना और भूख से मौत होना है। शीर्ष अदालत ने नौ दिसंबर, 2019 में वैध आधार कार्ड नहीं होने पर राशन आपूर्तियों से वंचित किए जाने के कारण लोगों की मौत होने के आरोप को लेकर सभी राज्यों से जवाब मांगा था। यह याचिका देवी ने दायर की है, जिसकी झारखंड में 11 साल की बेटी संतोषी की भूखे रहने के कारण 28 सितंबर, 2018 को मौत हो गई थी। संतोषी की बहन गुडिय़ा देवी मामले में संयुक्त याचिकाकर्ता है।
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