पुलवामा के बाद बालाकोट ही नहीं जल क्षेत्र में भी हमले की कर ली गई थी तैयारी

पुलवामा के बाद बालाकोट ही नहीं जल क्षेत्र में भी हमले की कर ली गई थी तैयारी

 
नई दिल्ली 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर करारा जवाब दिया था। यही नहीं, भारत ने समुद्र में भी पाकिस्तान से निपटने की बड़ी तैयारी कर ली थी। पुलवामा अटैक के बाद नौसेना को अभ्यास से हटा लिया गया था और परमाणु पनडुब्बियों समेत कई सबमरीन्स को पाकिस्तानी जल सीमा के नजदीक तैनात कर दिया गया था। 

भारतीय नौसेना की ओर से सबमरीन्स की तैनाती और आक्रामक तेवर को देखते हुए पाकिस्तान को यह लग रहा था कि भारत की ओर से किसी भी वक्त नौसेना को बदले की कार्रवाई का आदेश दिया जा सकता है। आपको बता दें कि 14 फरवरी को पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला कर दिया था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।

भारत लगातार पाकिस्तानी सेना पर नजर रखे हुए था लेकिन बालाकोट की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की सबसे अडवांस मानी जाने वाली अगोस्टा क्लास सबमरीन्स- पीएनएस साद, उसके जल क्षेत्र से गायब हो गई थी। लंबे समय तक पानी के भीतर रहने की क्षमता वाली इस सबमरीन के गायब होने के बाद भारतीय नेवी को चिंता हुई थी। 

सूत्रों ने बताया कि यह पनडुब्बी कराची के पास से गायब हुई थी और यह तीन दिनों के भीतर गुजरात के तट तक पहुंच सकती थी। इसके अलावा 5 दिन में यह पश्चिमी फ्लीट के मुख्यालय मुंबई पहुंच सकती थी, जो देश के लिए बड़े सुरक्षा खतरे की बात हो सकती थी। ऐसी स्थिति में नेवी ने पाकिस्तानी सबमरीन की जमकर तलाश की और यह पता लगाने की कोशिश की थी कि आखिर वह कहां है। अंत में 21 दिनों के बाद यह पनडुब्बी पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्से में मिली।