भीख मांग रहा राष्ट्रीय स्तर का पैरा-एथलीट

भोपाल
मध्य प्रदेश में एक 28 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर का पैरा-एथलीट सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर हैं. आर्थिक तंगी से जूझ रहे राष्ट्रीय स्तर के पैरा एथलीट मनमोहन सिंह लोधी भोपाल की सड़कों पर भीख मांगकर गुजारा कर रहे हैं. दरअसल, शिवराज सरकार ने 2017 में राष्ट्रीय पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था और दिव्यांगों के करीब 6000 पदों पर भर्ती करने का भी ऐलान किया था.

मनमोहन सिंह लोधी को जब इस घोषणा का पता चला तो उन्होंने भी सरकारी नौकरी के लिए प्रयास शुरू कर दिया, लेकिन काफी प्रयास करने के बाद भी मनमोहन को नौकरी नहीं मिल पाई. इसके बाद विरोध जताने और पेट पालने के लिए वह राजधानी की सड़कों पर भीख मांगने लगे.