मूंगफली करेगी एलर्जी का खतरा कम

मूंगफली करेगी एलर्जी का खतरा कम

मूंगफली के दानों को अगर छोटी उम्र में ही बच्चे के आहार का हिस्सा बनाया जाए तो उसमें मूंगफली से होने वाली ऐलर्जी के खतरे को कम कर सकता है। इस बारे में हाल ही में हुई एक स्टडी में सामने आया है।

स्टडी के मुताबिक, जिन शिशुओं को शुरू में ही रोज पीनट प्रोटीन दिया गया उनमें उम्र बढ़ने पर मूंगफली से होने वाले एलर्जिक रिऐक्शन के रिस्क कम हो गए।

शोधकर्त्ताओं ने सुझाव दिया कि बच्चा जब चार से छह महीने का हो जाए तो उसे पीनट प्रोटीन को पीनट बटर या मूंगफली पीसकर उसके पाउडर के रूप में दिया जा सकता है। इस प्रोटीन को उनके पहले आहार का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया कि बच्चे को सप्ताह में करीब दो बार आठ ग्राम मूंगफली का प्रोटीन दिया जाना चाहिए।


सावधानी रखना जरूरी स्टडी में इस बात पर भी जोर दिया गया कि जिन बच्चों को गंभीर एक्जिमा, एग ऐलर्जी या दोनों है उन्हें शुरू में भी पीनट प्रोटीन देना अवॉइड किया जाना चाहिए। वहीं जिन्हें यह ऐलर्जी कम या नहीं है उन्हें संतुलित रूप में इसे दें।

उन्होंने माता-पिता को इसके लिए सावधानी बरतने की भी सलाह दी। शोधकर्त्ताओं ने इस बात का हाइलाइट किया कि पीनट प्रोटीन को बच्चे के आहार का हिस्सा बनाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ली जाए।