स्कूल वैन में लगी आग, खतरे में पड़ी बच्चों की जान, सिपाहियों ने बचाया

ग्वालियर
कलेक्टर के आदेश के बाद भी निजी वैन स्कूली बच्चों को भरकर सड़कों पर दौड़ रही हैं। और बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। बुधवार को भी एक ऐसा ही हादसा हो गया एक स्कूली वैन में आग लग गई वैन में बैठे 16 मासूमों की जान पर बन आई। मौके पर पहुंचे सिपाहियों ने सजगता का परिचय देते हुए बच्चों को बाहर निकाला।

ग्वालियर  में चिरवाई नाके के पास तेज रफ़्तार दौड़ रही सेंट जोसेफ स्कूल की वैन में अचानक धुआं उठने लगा। वैन में बैठे16 बच्चों में से कुछ ने ड्राइवर को इसकी जानकारी दी। ड्राइवर वैन से उतरकर चेक करने लगा तब तक वैन के अन्दर धुंआ भर गया और  लपटें उठने लगीं। वैन के गेट लॉक थे बच्चे चीख पुकार मचाने लगे और मदद मांगने लगे लेकिन आसपास लोग मदद की जगह वीडियो बनाने में जुटे रहे  तभी वहां नाके के पास खड़े कम्पू थाने के सिपाही मनीष रावत, अजय शर्मा और FRV के पायलट अभिषेक शर्मा मदद के लिए आगे आये। उन्होंने वैन के कांच तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला और पानी एवं रेत की मदद से आग पर काबू किया। यदि पुलिस के ये दो सिपाही सूझबूझ नहीं दिखाते और दूसरों की तरह नजरंदाज कार्य तो बड़ा हादसा हो जाता।

वैन में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के 16 बच्चे सवार थे। घटना के बाद सभी बच्चे बहुतबघबरा गए है बच्चों का कहना है कि अब वे कभी वैन में नहीं बैठेंगे। उधर ग्ज्तना के बाद RTO एमपी सुंह ने वैन क्रमांक MP 07 BA 1759 का रजिस्ट्रेशन और ड्राइवर का लायसेंस निरस्त कर दिया है। वैन रामकुमार राजपूत समाधिया कॉलोनी के नाम रजिस्टर्ड है जिसे पुलिस लाइन निवासी प्रमोद शर्मा चला रहा था।

गौरतलब है कि कलेक्टर कई बार ट्रेफिक पुलिस और RTO को निर्देश दे चुके हैं कि स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की नियमित चेकिंग हो, निर्धारित संख्या से ज्यादा बच्चे नहीं बैठे हो , सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन होना चाहिए इसके बावजूद RTO और ट्रेफिक पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत से निजी गाड़ियों सड़कों पर बच्चों को भरकर दौड़ रहीं है और हादसों को न्योता दे रही हैं।