हनीट्रैप: जवान से पूछताछ में खुलेंगे कई राज
जयपुर
सेना के एक जवान के हनीट्रैप में फंसने के बाद हुए खुलासों से सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है। जम्मू की छात्रा बताकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला जासूस ने उसे हनीट्रैप के जाल में फंसाया था। इस मामले के सामने आने के बाद सेना के कई और जवान जांच एजेंसियों के रेडार पर हैं, वहीं आरोपी जवान सोमवीर से पूछताछ के जरिए मामले की तह तक जानने की कोशिश की जा रही है।
पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराने के आरोप में शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर से सोमवीर को गिरफ्तार किया गया था। सोशल मीडिया पर अनिका चोपड़ा नाम से आईएसआई की कथित महिला जासूस ने अकाउंट बनाया हुआ था। हनीट्रैप का शिकार हुए सोमवीर से अब सुरक्षा एजेंसियां कई राज उगलवाने की कवायद में जुटी हैं। जवान सोमवीर अभी पुलिस की हिरासत में है और उससे राजस्थान पुलिस पूछताछ कर रही है।
पाक को क्या सामरिक जानकारियां मुहैया कराईं?
स्टेट स्पेशल ब्रांच (एसएसबी) के एक अधिकारी ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगा रही है कि सोमवीर ने पाकिस्तान को क्या-क्या सामरिक जानकारियां मुहैया कराई हैं। 18 जनवरी तक के लिए सोमवीर पुलिस कस्टडी में है। इसके साथ ही पुलिस का फोकस इस बात पर भी है कि सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों के बारे में दी गई इस जानकारी के बाद पाक खुफिया एजेंसी कहीं कोई बड़ी साजिश रचने की फिराक में तो नहीं है।
हनीट्रैप में कोई और जवान तो नहीं फंसा?
भारत-पाकिस्तान इंटरनैशनल बॉर्डर से लगे जैसलमेर से सोमवीर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हर संभव पहलू पर जोर देकर पूछताछ में जुटी है। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि 50 अन्य जवान भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में हैं, ऐसे में किसी बड़ी साजिश की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। हरियाणा के रहने वाले सोमवीर ने 2016 में भारतीय सेना जॉइन की थी। राजस्थान पुलिस उसके जब्त किए गए मोबाइल के कॉल डीटेल्स भी खंगाल रही है। पुलिस यह जांचने में भी जुटी है कि कोई दूसरा जवान हनीट्रैप के जाल में फंसकर आईएसआई जासूस के संपर्क में तो नहीं है।
जासूसी के लिए पैसे भी लिए
शुरुआती जांच में इस बात का भी संकेत मिला है कि आरोपी न केवल जासूसी गतिविधियों में शामिल था बल्कि उसे जानकारियां साझा करने के एवज में पैसा भी दिया गया है। इन्वेस्टिगेशन टीम ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'हमारे पास इस बात के सुराग हैं कि कुछ महीने पहले सोमवीर को जासूसी के एवज में 5 हजार रुपये दिए गए थे। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी किसी की नजर में न आए इससे बचने के लिए पैसा उसके भाई के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद सोमवीर ने अपने ई-वॉलिट में पैसा ट्रांसफर कर लिया।'
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