राजधानी मे 36 मरीज आज डिस्चार्ज हुए, हेलिकॉप्टर ने बरसाए फूल

राजधानी मे  36  मरीज आज डिस्चार्ज हुए, हेलिकॉप्टर ने बरसाए फूल

भोपाल
 चिरायु अस्पताल से आज एक बार फिर 26 और एम्स से 10 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इस मौके को यादगार बनाने और कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में दोनों ही अस्पतालों में हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए। चिरायु में  आर्मी बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाकार सभी की हौसला अफजाई की और मरीजों को घरों की ओर रवाना किया। आर्मी बैंड की धुनों पर अस्पताल का स्टॉफ और मरीजों के परिजन झूमने लगे। कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रध्वज फहराया गया। इस मौके पर कमांडेंट आकाश पांडे ने कहा कि कोरोनावायरस के खिलाफ हो रही इस जंग में डॉक्टर, नर्स सहित जो भी लोग लगे हुए हैं। सेना उन्हें सैल्यूट करती है।

कोरोना वॉरियर्स का सम्मान और चिरायु में 26 और एम्स में 10 मरीजों को डिस्चार्ड होना यादगार बन गया। पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। चिरायु औ एम्स में सुबह से ही तैयारियां जोरों पर थी। चिरायु अस्पताल में सेना का बैंड सुबह नौ बजे के करीब ही पहुंच गया। बैंड में शामिल आर्मी के जवानों ने सबसे पहले अपने इन्सटूमेंट व्यवस्थित कर करीब 30 मिनट तक रिहर्सल की। 10 बजे कलेक्टर तरुण पिथोड़े यहां पहुंचे और उन्होंने झंडावंदन किया। आर्मी बैंड ने राष्ट्रगीत की प्रस्तुति दी।

26 मरीजों हुए डिस्चार्ज

इसके बाद अस्पताल के कोरोना वॉरियर्स ने डिस्चार्ज हुए 26 मरीजों का स्वागत किया। जैसे ही अस्पताल से मरीज निकले सभी ने तालियां बजाई। एक साल की बच्ची का आज जन्मदिन था। अस्पताल के स्टाफ ने जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए केक कटवाया। इस मौके पर मरीजों ने कहा कि हमें यहां इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि हम बीमार हैं। डॉक्टरों और अस्पताल के अन्य स्टॉफ ने जिस तरह से हमारी देखभाल की उससे हमें हमारी कोरोना जैसी बीमारी का अहसास ही नहीं हुआ। इस मौके पर डॉक्टर्स ने कहा कि हम कोरोना संकट से पहले मरीजों को देखते थे। और मरीज जब ठीक होने के बाद डिस्चार्ज होते थे तब सब कुछ एक सामान्य प्रक्रिया लगता था। लेकिन, कोरोनावायरस के संक्रमण की समय में जब इससे संक्रमित मरीज ठीक होकर घर जाता है तो हमें बेहद आत्मीय खुशी होता है। वास्तव में पहली बार ऐसा अहसास हो रहा है कि हम देश सेवा कर रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

इससे बड़ा सम्मान कोई नहीं: चिरायु अस्पताल के डायरेक्टर अजय गोयनका ने कहा कि कोरोना वॉरियर्स के लिए इससे बड़ा सम्मान कुछ नहीं हो सकता। ये सौभाग्य की बात है कि पहली बार आर्मी यहां अस्पताल में वॉरियर्स का सम्मान करने आई है।