8 दिन तक भर्ती नहीं हुआ मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ा

8 दिन तक भर्ती नहीं हुआ मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ा

 लखनऊ 
कोविड कंट्रोल रूम से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक गुहार लगाते रहे। उधर मरीज की सांसें उखड़ती रहीं। आखिरकार इलाज के अभाव में शिक्षा विभाग के पूर्व कर्मचारी ने दम तोड़ दिया। परिवार व्यवस्था से खिन्न है। प्रभारी डीएम के आदेशों को भी निजी अस्पतालों ने नहीं माना। सेक्टर क्यू अलीगंज में रहने वाले जय प्रकाश श्रीवास्तव को करीब 11 दिन पहले बुखार आया था। कोविड जांच कराई तो निगेटिव रिपोर्ट आई लेकिन सभी लक्षण कोविड के थे। ऐसे में डॉक्टर से फोन पर परामर्श लेकर दवाएं शुरू कीं लेकिन बुखार नहीं उतरा। उनके बेटे शेखर श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे में उन्होंने कोविड कमांड सेंटर फोन किया जहां से मदद का अश्वासन मिला। समय बीतता गया और उनके पिता की हालत बिगड़ने लगी। सांस लेने में दिक्कत होने लगी। ऐसे में फिर कंट्रोल रूम फोन किया जहां से रटा रटाया जवाब मिला।

इसके बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर सम्पर्क साधा। वहां से कहा गया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। इसी बीच सरकार से दो आदेश आए। एक में प्रभारी डीएम की ओर से कहा गया कि भले रिपोर्ट निगेटिव हो लेकिन कोविड लक्षण पर मरीज को तत्काल भर्ती किया जाएगा। दूसरे में सरकार ने निजी अस्पतालों को सीधे कोविड मरीजों की भर्ती करने का निर्देश दिया गया।

इससे उम्मीद जगी और परिवारीजन जय प्रकाश श्रीवास्तव को लेकर निजी अस्पतालों में भटकते रहे। किसी ने भी उनको भर्ती नहीं किया। सभी ने कहा बेड नहीं है। कहीं से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर सांसों की डोर परिवारीजन संभाले रहे। इस बीच लगातार सीएम हेल्पलाइन, सीएमओ कंट्रोल रूम और कोविड कमांड सेंटर से सम्पर्क भी करते रहे। आखिरकार शनिवार को जय प्रकाश श्रीवास्तव ने बिना इलाज घर पर ही दम तोड़ दिया।