...और देखते-देखते जमींदोज हो गया 32 मंजिला ट्विन टावर 

...और देखते-देखते जमींदोज हो गया 32 मंजिला ट्विन टावर 

नोएडा। सेक्टर 93 में सुपरटेक ट्विन टावर को सेकेंडो में ध्वस्त कर दिया गया है। इस इमारत को ध्वस्त करने के लिए 3700 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कई दिनों की मेहनत के बाद ये पूरा सिस्टम तैयार हुआ था। ट्विन टावर को गिराने के लिए  लगभग 17.55 करोड़ रूपये का खर्चा आया है, जबकि इसे बनाने के लिए 300 करोड़ रूपये की लागत लगी थी। वहीं मौजूदा समय में इसकी कीमत 800 करोड़ रूपये बताई जा रही है।

बता दें कि टावर्स को गिराने का यह खर्च भी बिल्डर कंपनी सुपरटेक ही वहन करेगी। इन दोनों टावरों में कुल 950 फ्लैट्स बने थे और इन्हें बनाने में सुपरटेक ने 300 करोड़ रुपये खर्च आया था। कुछ देर पहले तक कुतुब मीनार से ऊंचा दिखने ट्विन टावर मलबे में तब्दील हो चुका है। ट्विन टावर के धराशायी होने बाद धूल का जबरदस्त गुबार  देखने को मिल रहा है।

बताया जा रहा है कि 2 घंटे से अधिक समय तक अभी धूल का गुबार हवा में दिखाई देगा। वहीं आसपास के लोगों को हटाया गया है हेल्थ इमरजेंसी के मद्देनजर तीन अस्पताल भी अलर्ट पर रखे गए हैं। 800 से ज्यादा पुलिसकर्मियों नोएडा सेक्टर 93 में तैनात है। इसके अलावा प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे आसपास की सोसाइटी को खाली करा लिया था।

ट्विन टावर का मलबा ढोने में लगेगा वक्त
आपको बता दें कि ट्विन टावर को ध्वस्त करने के बाद इसका जो मलबा है होगा उसे ढोने में भी वक्त लगेगा और ट्रकों के माध्यम से जब ले जाएगा उसमें भी यह देखना होगा कि ट्रकों को सही तरिके से ढक कर ले जाया जा रहा है या नहीं। गौरतलब है कि देश के रियल स्टेट में पहला ऐसा किस्सा है जो इतिहास में दर्ज हो गया।