अशोक नगर के दीपेश जैन की चंद्रयान 3 के रोवर प्रज्ञान को बनाने में बड़ी भूमिका
अशोकनगर, चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर लैंडिंग के बाद देश में जश्न का माहौल है। वहीं, चंद्रयान-3 की के पीछे कार्य करने वाले देश के वैज्ञानिकों पर देश गर्व कर रहा है। देश की इस बड़ी कामयाबी के पीछे अशोक नगर जिले का भी योगदान है। जिले के सहराई ग्राम की रहने वाले सरकारी शिक्षक मगन लाल जैन के पुत्र दीपेश जैन को लेकर जिले में खुशी का माहौल है। उन्होंने चंद्रयान-3 में बड़ी भूमिका निभाई है।
सरकारी स्कूल में हुई पांचवी तक शिक्षा
मध्यप्रदेश के अशोकनगर के रहने वाले दीपेश जैन की शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई। यहां उन्होंने पांचवी तक शिक्षा प्राप्त की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए जिले के नवोदय विद्यालय चले गए। 12वीं पासकर जबलपुर से इंजीनियरिंग करके बेंगलुरु से एमटेक किया। इसके बाद 2005 में इसरो में चयन हो गया। इसके बाद इसरो में काम कर रहे हैं।
पहले भी चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 में भी कार्य कर चुके हैं
दीपेश के परिजनों ने बताया कि चंद्रयान-3 में कार्य कर रहे हजारों वैज्ञानिक में से दीपेश की भी भूमिका रही। उन्होंने चंद्रयान-3 की परिधि में रोवर प्रज्ञान में अपनी भूमिका निभाई है। परिजनों के मुताबिक रोवर प्रज्ञान से चंद्रमा की सतह पर पाए जाने वाले रबर, खनिज और अन्य चीजों का पता लगाया जा सकेगा। दीपेश जैन इससे पहले भी चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 में भी कार्य कर चुके हैं।
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