विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को मिलेगी नई गति

विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को मिलेगी नई गति

ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका एवं जनसुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल

जयपुर। राज्य सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों के त्वरित, समावेशी और सर्वांगीण विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को शासन सचिवालय में ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिवकृष्ण कुणाल की अध्यक्षता में ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के मध्य अभिसरण (कन्वर्जन्स) की प्रगति की समीक्षा हेतु नोडल बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण आजीविका, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने को लेकर विस्तृत मंत्रणा की गई।

अमृत पोषण वाटिका एवं ग्रामीण हाट बाजारों से बढ़ेगा महिला सशक्तिकरण 

बैठक में बताया गया कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण से निपटने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'अमृत पोषण वाटिका' और 'अमृत ग्रामीण हाट बाजार' के निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, उद्यानिकी, राजीविका तथा पंचायती राज विभाग के आपसी समन्वय से विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को ताजे फल व सब्जियों की आपूर्ति सुगम बनाई जाएगी, जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त किया जा सकेगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर 

ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए 'अमृत ज्ञान केंद्र' (ग्रामीण पुस्तकालय), अटल पुस्तकालयों तथा विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण और उनके सुचारू रखरखाव पर विशेष बल दिया जा रहा है।

पशुधन विकास एवं हरित आवरण को बढ़ावा 

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन के संरक्षण हेतु 'पशु आश्रय स्थलों' और 'चारा उत्पादन कार्यों' के प्रस्तावों को विकसित ग्राम पंचायत कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'अमृत संजीवनी पार्क', 'नमो नर्सरी' तथा जलग्रहण विकास कार्यों के माध्यम से बड़े पैमाने पर पौधारोपण और औषधीय पौधों के संरक्षण की पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्रीभजनलाल शर्मा का यह प्रयास ग्रामीण अंचल में समृद्धि, स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खोलेगा, जिससे प्रत्येक ग्राम पंचायत का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।