मेडिकल उत्पादों में अनियमितताएँ; उपभोक्ता मामले विभाग की प्रदेश भर में बड़ी कार्रवाई
जयपुर। उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशन में मरीजों और उनके परिजनों को मेडिकल एवं हेल्थकेयर उत्पादों की सही मात्रा तथा आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ, राजस्थान द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।
जयपुर में विशेष निरीक्षण दल की कार्रवाई
जयपुर में कुल जब्ती: Absorbent Cotton Wool के 2,020 पैकेट, जिनका कुल घोषित वजन 554 किलोग्राम है। इसके अतिरिक्त Crystal Care Latex Gloves के 165 पैकेट जब्त किए गए।
प्रमुख अनियमितताएं एवं कार्रवाई
अजय सर्जिकल्स कंपनी, नेहरू बाज़ार, जयपुर द्वारा 500 ग्राम घोषित मात्रा वाले Absorbent Cotton Wool के पैकेट में प्रति पैकेट 14 ग्राम कम दिया जाना पाया गया। इस प्रकार उपभोक्ता से लगभग प्रति पैकेट 12 रुपए अधिक वसूले जा रहे थे। विभाग ने सख्त कार्यवाही करते हुए कुल 354 किलो के 1020 पैकेट जब्त किए और 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया।
शिवानी मेडिप्रो प्राइवेट लिमिटेड, गोपालपूरा बाईपास, जयपुर द्वारा 200 ग्राम घोषित मात्रा वाले Absorbent Cotton Wool के पैकेट में प्रति पैकेट 14 ग्राम कम दिया जाना पाया गया। इस प्रकार उपभोक्ता से लगभग प्रति पैकेट 15 रुपए अधिक वसूले जा रहे थे। विभाग ने सख्त कार्यवाही करते हुए कुल 200 किलो के 1000 पैकेट जब्त किए और 65 हजार रूपये का जुर्माना लगाया।
राजस्थान के अन्य जिलों में भी कार्रवाई
लोकेश ड्रग एजेंसी, बारां: ₹395 MRP वाले 500 ग्राम Absorbent Cotton Wool के 50 पैकेटों पर नियमानुसार आवश्यक घोषणाएं नहीं पाए जाने पर उन्हें जब्त किया गया तथा Improvement Notice जारी किया गया।
नाकोड़ा डिस्ट्रीब्यूटर्स, राजसमंद: 50 ग्राम वाले Cotton के 1,080 पैकेटों पर आवश्यक घोषणाओं से संबंधित कमियां पाए जाने पर जब्ती की गई तथा सुधार के लिए Improvement Notice जारी किया गया।
राज्य भर में चले पैकेज्ड वस्तुओं की जांच अभियान में विभाग द्वारा विभिन्न अनियमितता पाये जाने पर 8,65,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
उपभोक्ता के पैसे के साथ उसके भरोसे की रक्षा भी जरूरी
मेडिकल उत्पाद खरीदने वाला प्रत्येक उपभोक्ता यह अपेक्षा करता है कि उसे भुगतान के अनुरूप घोषित मात्रा और उत्पाद के संबंध में सही जानकारी मिले। मात्रा में कमी से उपभोक्ता को अपने पैसे के अनुरूप सामग्री नहीं मिलती। वहीं, पैकेजिंग पर आवश्यक घोषणाओं का अभाव सही उत्पाद चुनने, मूल्य की तुलना करने तथा जिम्मेदार निर्माता या पैकर की पहचान करने में कठिनाई पैदा कर सकता है।
विशेष रूप से मरीजों और उनके परिजनों के लिए मेडिकल सामग्री की खरीद पहले से ही उपचार संबंधी आर्थिक एवं मानसिक दबाव के बीच होती है। ऐसे में उत्पादों की मात्रा और घोषणाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ, राजस्थान द्वारा मेडिकल एवं हेल्थकेयर उत्पादों की आपूर्ति शृंखला में लागू पैकेज्ड कमोडिटीज नियमों के अनुपालन की जांच जारी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित फर्मों को कमियों में सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
उपभोक्ता की मेहनत की कमाई, उसके अधिकार और बाजार में विश्वास की रक्षा करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
उपभोक्ता शिकायत के लिए हेल्पलाइन
किसी भी उपभोक्ता को मेडिकल या अन्य पैकेज्ड उत्पाद में कम मात्रा, अनिवार्य घोषणाओं की कमी या अन्य अनियमितता पाए जाने पर शिकायत करने के लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर संपर्क किया जा सकता है।
bhavtarini.com@gmail.com
