मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना की समीक्षा

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना की समीक्षा

जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गठित इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप (आईसीजी) की शुक्रवार को  सचिवालय में हुई बैठक में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों से संबंधित पर्यावरणीय प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना, संशोधित कार्ययोजनाओं की स्थिति तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई।

औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण एवं सीवरेज कार्यों की समीक्षा

मुख्य सचिव ने पाली, बालोतरा एवं जोधपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), सीवरेज नेटवर्क, अपशिष्ट जल उपचार तथा औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। पाली, बालोतरा में सीईटीपी की क्षमता बढ़ाने और नए सीईटीपी स्थापित करने तथा पाली, जोधपुर और बालोतरा में सीवरेज एवं जल निकासी नेटवर्क के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों को कार्यों की समय सीमा, तकनीकी व्यवहार्यता तथा लंबित प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए संशोधित कार्ययोजनाओं एवं समय सीमाओं के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

नदी तंत्र, अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मुख्य सचिव ने लूणी, जोजरी एवं बांडी नदियों के पुनरुद्धार, नदी तल से स्लज हटाने, अवैध डिस्चार्ज प्वाइंट बंद करने तथा नदी तंत्र की समग्र कार्ययोजना तैयार करने से संबंधित विषयों की समीक्षा की। उन्होंने नदी क्षेत्र में अनधिकृत गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, संवेदनशील क्षेत्रों के सर्वेक्षण तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जोधपुर एवं पाली में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), उपचारित सीवेज के पुनः उपयोग, घरेलू सीवर कनेक्शन तथा नालों में बिना उपचारित सीवेज के प्रवाह को रोकने से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने वन एवं कृषि क्षेत्र के अंतर्गत नदी तटों पर पौधरोपण, फाइटोरेमेडिएशन तथा मृदा प्रदूषण की जांच करने के निर्देश दिए।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव,  (एम.एस.एम.ई.) शिखर अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरिजीत बनर्जी सहित अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।