अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से मध्यप्रदेश के कौशल विकास को बनाएंगे सशक्त : मंत्री टेटवाल
जीएसपी के 16 बच्चों ने सिंगापुर में पूरा किया प्रशिक्षण
भोपाल, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि सिंगापुर की आईटीईईएस (ITEES) जैसी प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संस्था का सहयोग प्रदेश के कौशल विकास इकोसिस्टम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि यही संस्था भोपाल में स्थापित विश्वस्तरीय संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क की प्रमुख सहयोगी रही है और इस साझेदारी ने मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय स्किलिंग मानचित्र पर सशक्त पहचान दी है। मंत्री टेटवाल ने शुक्रवार को ITEES के भ्रमण के दौरान यह बात कही। मंत्री टेटवाल 2 से 7 जनवरी तक सिंगापुर भ्रमण पर हैं।
मंत्री टेटवाल ने कहा कि इस भ्रमण का उद्देश्य केवल संस्थागत अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझना है कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को कैसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा एवं इंडस्ट्री के मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाकर तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि सिंगापुर का स्किलिंग मॉडल उद्योग से सीधे जुड़ा हुआ है, जहां प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और रोजगार के बीच स्पष्ट तालमेल दिखाई देता है। ऐसे अनुभव मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।
मंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि कौशल प्रशिक्षण का लाभ समाज के गरीब और वंचित तबके के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
मंत्री टेटवाल ने कहा कि कभी यह कल्पना करना भी कठिन था कि प्रदेश के साधारण परिवारों के बच्चे सिंगापुर जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, लेकिन आज यह संभव हो सका है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
मंत्री डॉ. टेटवाल ने बताया कि एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क 16 विद्यार्थियों का 17 से 25 दिसम्बर तक एक्सपोज़र प्रशिक्षण सिंगापुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। जिसमें 7 लड़कियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश में कौशल विकास को लेकर अपनाई गई नीतियां जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रही हैं।
मंत्री टेटवाल ने कहा कि सिंगापुर प्रवास के दौरान हुए संवाद और अनुभव भविष्य में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने बताया कि कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का लक्ष्य ऐसे प्रशिक्षण मॉडल विकसित करना है, जो स्थानीय आवश्यकताओं के साथ-साथ वैश्विक इंडस्ट्री की मांगों के अनुरूप हों और प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय कार्यबल का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करें।
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