राजफेड की 69वीं वार्षिक साधारण सभा आयोजित, किसानों की खुशहाली से ही देश की समृद्धि संभव
जयपुर। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ लिमिटेड (राजफेड) के प्रशासक डॉ. समित शर्मा ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ नया विचार नहीं होकर एक-दूसरे की मदद करने की हमारी परम्परा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ कार्यक्रम के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने के पूरे मनोयोग से प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. शर्मा शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन के सभागार में राजफेड की 69वीं वार्षिक साधारण सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के प्रतिनिधि के रूप में ईश्वर ने हमें किसानों के परिवार में खुशहाली और समृद्धि लाने का अवसर दिया है। किसान खुशहाल होगा तभी देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को चिंता से मुक्ति दिलाकर आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद योजना लागू की। इस योजना से बड़ा परिवर्तन यह आया है कि अन्न उत्पादन में आज देश आत्मनिर्भर हो चुका है तथा दूसरे देशों को अन्न का निर्यात करने लगा है।
राजफेड प्रशासक ने कहा कि सहकारी समितियों को अपने व्यवसाय में वृद्धि कर आय बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही, अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम जो अन्न खाते हैं वह हमारे शरीर के अनुकूल होना चाहिए। इसके लिए अन्न को प्रोत्साहित किया जाना समय की आवश्यकता है। फसल में रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशकों का उपयोग संतुलित रूप में किया जाए। साथ ही, जैविक खेती व उत्पादों को अपनाने के लिए किसानों और आमजन को जागरूक किया जाए।
डॉ. शर्मा ने प्रदेश भर से आए क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के अध्यक्षों एवं प्रशासकों के सुझावों को गंभीरता से सुना तथा उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर सूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता एवं किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाएंगे।
राजफेड के प्रबंध निदेशक बचनेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि विगत दिनों में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को 183 करोड़ रुपए की बकाया राशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने कहा कि समितियों की नियमित आय के लिए खरीद के अलावा अन्य विकल्पों को अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है। कृषि विभाग से समन्वय कर खाद का सहकारी समितियों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटन करवाने के प्रयास किए जाएंगे। अग्रवाल ने कहा कि जो समितियां बीज उत्पादन, जैविक खेती और निर्यात से जुड़ना चाहती हैं, वे राष्ट्रीय स्तर पर गठित तीन बहुराज्यीय समितियों भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड एवं राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड की सदस्य बनें, राजफेड द्वारा इसमें पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
वार्षिक साधारण सभा में गत साधारण सभा की कार्यवाही की पुष्टि सहित एजेंडा में शामिल विभिन्न बिंदुओं का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। प्रारंभ में शासन सचिव सहित अन्य गणमान्यजनों ने दीप प्रज्वलन कर वार्षिक साधारण सभा का विधिवत शुभारंभ किया। साधारण सभा में वित्त विभाग के प्रतिनिधि संयुक्त शासन सचिव देवेंद्र अरोड़ा सहित क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं प्रशासक तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
bhavtarini.com@gmail.com
