युवा पीढ़ी संतों की शिक्षा को करें आत्मसात, भारत की गौरवशाली परंपरा को बढ़ाएं आगे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
संत-महात्माओं का सनातन संस्कृति को मजबूत करने में अद्वितीय योगदान
मुख्यमंत्री ने गोविंददेव जी मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के आराध्य गोविंददेव जी मंदिर परिसर स्थित जय निवास उद्यान से विधिवत पूजा-अर्चना कर विशाल कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संत-महात्मा राष्ट्र को सही दिशा देकर सनातन संस्कृति को मजबूत कर रहे हैं तथा इनके विचार मानवता, सेवा एवं सद्भावना का संदेश देते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि संतों की शिक्षाओं और आदर्शों को आत्मसात करें तथा भारत की गौरवाशाली परम्परा को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
शर्मा ने कहा कि बाबा बालनाथ ने भारतीय धर्म एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने में अद्वितीय योगदान दिया। इसी परंपरा का बाबा बस्तीनाथ जी महाराज भी अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की अवधारणा पर आधारित है, जो सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का संदेश देती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बस्तीनाथ महाराज को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान शर्मा ने महाराज जी के आशीर्वचन भी सुनें। कलश यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इससे पहले शर्मा ने गोविंददेव जी मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने भगवान गोविंददेव जी के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर विधायक देवी सिंह शेखावत सहित गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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