मनरेगा के तहत एक पंचायत में एक साथ बीस से अधिक कार्य अनुमत नहीं: ग्रामीण विकास मंत्री

मनरेगा के तहत एक पंचायत में एक साथ बीस से अधिक कार्य अनुमत नहीं: ग्रामीण विकास मंत्री

जयपुर। ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुरोध पर केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की फार्म पॉण्ड श्रेणी में टांका निर्माण की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत एक पंचायत में 20 से अधिक कार्य एक साथ किये जाने पर रोक के कारण बाड़मेर में मनरेगा सॉफ्ट पोर्टल में टांका निर्माण कार्य के लिए मस्टर रोल जारी नहीं किये गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा में पिछले कार्यों के लंबित होने पर भी नया मस्टर रोल जारी नहीं किया जाता है। वर्तमान में बाड़मेर जिले में 65 प्रतिशत से अधिक पेंडेंसी है। 

ग्रामीण विकास मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरीश चौधरी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गत सरकार के कार्यकाल में मनरेगा के तहत अनावश्यक कार्यों में राशि के दुरूपयोग के मामले सामने आए थे। इनमें करोड़ों रुपये की राशि का भुगतान होने के बावजूद धरातल पर कोई कार्य नहीं पाया गया था। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय जांच दल द्वारा बाड़मेर में मनरेगा के तहत 47 व्यक्तिगत कार्यों की रेंडम जांच के आधार पर जिले में 5 वर्षों में कुल 5 लाख 8 हजार 30 व्यक्तिगत कार्यों तथा 16 ग्रेवल सड़कों का रेंडम भौतिक सत्यापन करवाया गया। इस आधार पर 24 हजार 886 संपर्क सड़कों के कार्यों पर लगभग 14 हजार 86 करोड़ 52 लाख रुपये का अनियमित भुगतान करना पाया गया। 

उन्होंने कहा कि बाड़मेर जिले में मनरेगा के तहत वर्ष 2023-24 में 40 हजार 548 तथा वर्ष 2025-26 में 97 हजार 310 मानव दिवस सृजित किये गए। 

इससे पहले सदस्य चौधरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि महात्‍मा गांधी नरेगा योजनान्‍तर्गत जिला परिषद बाडमेर द्वारा जनवरी 2019 से दिसम्‍बर 2023 तक 2,88,744 कार्यों की तथा जनवरी 2024 से माह दिसम्बर 2025 तक 96969 कार्यों की स्‍वीकृतियां जारी की गयी है।

उन्होंने उक्‍त अवधि में श्रेणीवार कार्यों की संख्या एवं राशि का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि महात्‍मा गांधी नरेगा योजनान्‍तर्गत वर्तमान में कार्यों की स्वीकृति पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। वित्‍तीय वर्ष 2025-26 में 20 फरवरी 2026 तक 47488 कार्यो की स्‍वीकृतियां जारी की गयी हैं।