सीवरेज चेंबर में सफाई करने उतरे कर्मी की मौत,बचाने उतरे दो बेहोश हुए
brijesh parmar
उज्जैन। मंगलवार को पीपलीनाका क्षेत्र में टाटा कंपनी के सिवरेज चेंबर की सफाई करने उसमें उतरा कर्मचारी अशोक पिता भेरू निवासी सालाखेडी आलोट रतलाम का पैर फिसलने से वह अंदर जा गिरा एवं जहरीली गैस के संपर्क में आने से बेहोश हो गया। बाद में उसे बचाने उतरे सहयोगी गोपाल डाबी और रमेश चौहान भी बेहोश हो गए। तीनों की स्थिति को देखकर सुपरवाईजर चंद्रकांत शुक्ला ने चिललाचोट मचाई । इस दौरान वहां से गुजर रहे एसपी की मदद से उन्हें सहायता मिल सकी। अस्पताल में अशोक की उपचार के दौरान मौत हो गई। गोपाल एवं रमेश का उपचार जिला अस्पताल के आईसीयू में जारी है।
जीवाजीगंज थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा के अनुसार मंगलवार पूर्वान्ह् यह घटनाक्रम पीपलीनाका से वीरसावरकर चौराहा के बीच हुआ है। टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड की सिवरेज लाईन में चौक की समस्या दूर करने तीनों सफाई कर्मचारियों के साथ सुपरवाईजर चंद्रकांत शुक्ला पहुंचे थे। इनके पास जेटिंग मशीन भी थी। चौक लाईन की सफाई करने के लिए चेंबर में अशोक नीचे उतरा था । उतरने के दौरान वह आकस्मिक रूप से नीचे जा गिरा,जिसे निकालने के लिए गोपाल निवासी सालाखेडी आलोट नीचे उतरा और उसके पीछे पीछे ही रमेश निवासी भेरूगढ भी उतरा। नीचे जाकर तीनों ही बेहोश हो गए। सुपर वाईजर चंद्रकांत शुक्ला आगे के अन्य चेंबर चेक करने गया हुआ था। वह लौटा और उसने तीनों को इस स्थिति में देखा और चिल्ला चोट मचाई । इस दौरान क्षेत्र से गुजर रहे एसपी प्रदीप शर्मा ने वाहन रूकवाकर तत्काल रेस्क्यू आपरेशन चलवाया। चेंबर में फंसे दो कर्मचारियों की जान बचाने में अहम भूमिका अदा की। बकौल एसपी प्रदीप शर्मा चेंबर के आसपास मजमा लगा हुआ था। मैंने वाहन से उतरकर सबको दूर करवाया। साथ चल रहे सब इंस्पेक्टर ने सभी को वहां से हटाया। इस बीच एक कर्मचारी जो रस्सी बांधकर उतरा था उसे खिंचवाया और तत्काल ही डायल 112 से उसे अस्पताल भिजवाया। ट्रेफिक को सूचना देकर मार्ग में आवागमन सुविधाजनक बनाने के लिए कहा। जीवाजीगंज पुलिस,नगरनिगम के कर्मचारी, क्षेत्रीय पार्षद एवं उनके सहयोगियों ने भूमिका निभाते हुए अन्य दो को तत्काल बाहर निकाला। सूचना पर पहले से मौजूद दो अन्य वाहनों से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में अलर्ट करने से वहां भी पहले से टीम ने तैयारी कर ली थी। कर्मचारियों के पास सुरक्षा मास्क सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरणों सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि समय रहते रेस्क्यू शुरू होने से दो कर्मचारियों की जान बचाई जा सकी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा मौके पर पहुंचे और घायल कर्मचारियों का हालचाल जाना।नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के अनुसार मामले की जांच करवाने के साथ ही हमने संबंधित थाना क्षेत्र पुलिस को टाटा के विरूद्ध एफआईआर के लिए लिखकर दिया है। कर्मचारी भी उन्हीं के थे। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना के समय मौके पर जिम्मेदार अधिकारी कौन था और कर्मचारियों को बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के सीवरेज चेंबर में क्यों उतारा गया। हादसे के बाद सीवरेज कार्य का जिम्मा संभाल रही टाटा कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल स्थिति बन गई हैं। प्रारंभिक आधार पर ही घटनास्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की स्थिति बताई जा रही है। जीवाजीगंज थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर मृतक अशोक का पोस्टमार्टम करवाते हुए शव परिजनों को सिपुर्द किेया है। थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा के अनुसार बेहोश दोनों कर्मचारी गोपाल,रमेश के बयान होने शेष हैं। मर्ग जांच उपरांत लापरवाही की स्थिति सामने आने पर कंपनी पर प्रकरण दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
नगर निगम से जारी अधिकृत बयान में कहा गया है कि टाटा प्रोजेक्ट प्रा. लिमिटेड द्वारा प्रचलित सिवरेज कार्य अन्तर्गत पिपलीनाका क्षेत्र में चेम्बर सफाई से सम्बंधित शिकायत प्राप्त हुई थी। निराकरण हेतु टाटा कम्पनी द्वारा क्लिीपिंग मशीन एवं कर्मचारियों को लगाया गया। घटनाक्रम में कंपनी के तीन कर्मचारी हताहत हुए हैं जिनमें से कर्मचारी अशोक को मृत घोषित किया गया। तत्काल संज्ञान में लेते हुए सम्बंधित कम्पनी टाटा प्रोजेक्ट प्रा. लिमिटेड के विरूद्ध जीवाजीगंज थाने में प्राथमिक सूचना दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। मृतक कर्मचारी अशोक के परिजनों को सीवर/सेप्टिक टेंक सफाई मित्रो के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के विहित प्रावधान अन्तर्गत 30 लाख रूपये का आर्थिक अनुदान दिये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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