भोपाल। कर्जमाफी का प्रमाण पत्र बांटकर कमलनाथ जहां किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर इसको देखते हुए बैंक भी इस अनुष्ठान में सहभागी बन रहे हैं। देश के 15 राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा जय जवान फसल ऋण माफी योजना के तहत ओटीएस के लिए जताई गई सहमति के बाद यही माना जा रहा है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक के साथ मध्यांचल सेंट्रल बैंक के साथ नर्मदा झाबुआ सेंट्रल बैंक भी शामिल हैं। दरअसल मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रदेश के करीब 50 लाख से अधिक किसानों का कर्ज न केवल माफ कर चुके हैं, बल्कि इसके प्रमाण पत्र भी बांटने शुरू कर दिए हैं। इसका शुभारंभ शुक्रवार को रतलाम जिले से कर चुके हैं। प्रथम चरण में 7 मार्च तक सरकार ने करीब 25 लाख किसानों को ऋण मुक्ति के प्रमाण पत्र देने का लक्ष्य रखा है। समझा जाता है कि लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता के कारण आधे किसानों को बाद में ऋण माफी के प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इससे बैंकों के योगदान को भी अहम माना जा रहा है। प्रमुख सचिव कृषि राजेश राजौरा की माने तो किसानों को उबारने के लिए मप्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ऋण माफी अभियान में 15 राष्ट्रीयकृत बैंकों ने न केवल अपनी सहभागिता निभाई, बल्कि बोर्ड की बैठक बुलाकर ऋण माफी के तहत वन टाइम शटलमेंट (ओटीएस) पर अपनी सहमति भी जताई है।
ओटीएस के लिए तैयार बैंक
1. भारतीय स्टेट बैंक
2. सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया
3. पंजाब नेशनल बैंक
4. पंजाब और सिंध बैंक
5. बैंक आॅफ महाराष्ट्र
6. आईडीबीआई
7. यूनियन बैंक आॅफ इंडिया
8. इंडियन बैंक
9. मध्यांचल सेंट्रल बैंक
10. केंद्रीय सांसद ग्रामीण बैंक
11. नर्मदा झाबुआ सेंट्रल बैंक
12. ओरिएंटल बैंक आॅफ कॉमर्स
13. बैंक आॅफ इंडिया
14. बैंक आॅफ बड़ौदा
15. इलाहाबाद बैंक
प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा किसान सम्मान ताम्रपत्र
जय किसान ऋणमाफी योजनांतर्गत जिले के जिन किसानों के खाते में ऋणमाफी राशि पहुंचाई जायेगी उन्हें सरकार ऋण माफी के प्रमाण के बजाय किसान सम्मान ताम्रपत्र दिया जाएगा। किसान सम्मेलन के माध्यम से यह प्रदान किए जाने लगे हैं। भोपाल जिले में यह करोंद मंडी में 26 फरवरी, दशहरा मैदान बैरसिया में 28 फरवरी को तथा दशहरा मैदान कोलार में 01 मार्च को यह आयोजन होगा।