CM कमलनाथ 9 जुलाई को करेंगे जन-अधिकार का शुभारंभ, समाधान आॅनलाइन

CM  कमलनाथ 9 जुलाई को करेंगे जन-अधिकार का शुभारंभ, समाधान आॅनलाइन

भोपाल
मुख्यमंत्री कमलनाथ आम जनता की  समस्याओं, शिकायतों के सुनिश्चित और संतोषजनक समाधान के लिए  जन-अधिकार कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह कार्यक्रम प्रति मंगलवार को होगा। इसमें सीएम खुद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वे शिकायतकर्ता के साथ ही सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे रू-ब-रू होकर समाधान करेंगे। सीएम इस माह के दूसरे मंगलवार 9 जुलाई को जन-अधिकार कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

 मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूर्व में चल रहे समाधान आॅनलाइन, सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा करते हुए इनके परिणाम संतोषप्रद न होने पर ऐसा संवाद आधारित कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए थे। जिससे लोगों की समस्याओं और शिकायतों का जल्द  संतोषप्रद और सुनिश्चित निराकरण हो सके। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य शासन ने सीएम हेल्पलाइन एवं लोकसेवा गारंटी अधिनियम के जरिए दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा के लिए यह कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री हर माह के दूसरे मंगलवार को जन-अधिकार कार्यक्रम में उपस्थित रहकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोगों की समस्या और शिकायतों के निराकरण की दिशा में की गई कार्यवाही की समीक्षा करेंगे। यदि दूसरे मंगलवार को अवकाश हुआ तो अगले कार्य-दिवस पर यह कार्यक्रम होगा।

 जन अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सभी जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और जिला स्तर के विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। संभागीय मुख्यालयों पर आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक और संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। राज्य स्तर पर जिन विभागों के प्रकरणों को समीक्षा में शामिल किया गया है उनके अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।

 जन-अधिकार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को समय-समय पर प्राप्त होने वाली शिकायतें, जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, सीएम हेल्पलाइन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रमाणित शिकायतों में से चिन्हित शिकायतों को समीक्षा में लिया जाएगा। इसकी जानकारी संबंधित विभागों के प्रमुख और प्रभारी अधिकारियों कार्यक्रम दिनांक को दी जाएगी। संबंधित विभागों के अधिकारियों का यह दायित्व होगा कि वे उसी दिन शाम चार बजे के पूर्व उन्हें प्राप्त शिकायतों की विस्तारित जानकारी एवं किए गए निराकरण का तथ्यात्मक प्रतिवेदन पोर्टल पर आॅनलाइन फीड करें।

 कार्यक्रम में चिन्हित कर शामिल की गई प्रामाणिक शिकायत करने वाले को भी शामिल होने के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय सूचित करेगा। शिकायतकर्ता संबंधित जिले के कलेक्टर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित रहेंगे और मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करेंगे। चिन्हित शिकायत के प्रकरणों में आवश्यक अंतिम निराकरण की कार्यवाही मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा की जाएगी।