कांग्रेस-भाजपा को लग सकता है झटका

कांग्रेस-भाजपा को लग सकता है झटका
rajesh dwivedi सतना। आगामी विधानसभा चुनाव में चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर रही बसपा, सपा,आप, सपाक्स , गोंगपा समेत विभिन्न क्षेत्रीय दल क्या प्रदेश को द्विदलीय राजनीति से निकालकर बहुदलीय राजनीति की ओर ले जाने में कामयाब होंगे? क्या ये दल प्रदेश को तीसरा विकल्प देने की कूबत रखते हैं अथवा इन दलों की भूमिका केवल वोट कटवा तक ही सीमित रहेगी, यह देखना आगामी विधानसभा चुनाव में दिलचस्प होगा। फिलहाल बसपा, सपा समेत कई दलों ने प्रदेश में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। जाहिर है कि इन दलों के चुनावी मैदान में उतरने से भाजपा व कांग्रेस के समीकरणों पर असर पड़ेगा लेकिन ये दल सरकार गठन में कोई उल्लेखनीय भूमिका निभा पाएंगे , इसमें संदेह ही है, अलबत्ता कहीं भाजपा तो कहीं कांग्रेस को ये दल नुकसान जरूर पहुंचाएंगे। सपाक्स ने प्रेस वार्ता में बताई आगामी सप्ताह की योजनाएं बुधवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता में सपाक्स पदाधिकारियों ने न केवल सपाक्स की रीतियों व नीतियों पर प्रकाश डाला बल्कि इस अवसर पर प्रांतीय संगठन के निर्देश पर एक सप्ताह का आगामी कार्यक्रम भी बताया है। प्रेस वार्ता में मौजूद जिला संयोजक रमेशचंद्र त्रिपाठी, प्रांतीय सदस्य धीरेंद्र सिंह धीरू, जिलाध्यक्ष मनीष द्विवेदी, जिला सचिव केके शुक्ला व मीडिया प्रभारी अनिल त्रिपाठी ने मौजूद मीडियाकर्मियों को बताया कि एट्रोसिटी एक्ट सवर्णों पर अत्याचार करने वाला ऐसा कानून है जो कालांतर में सवर्णों को धीरे-धीरे गुलाम बनाता जाएगा, ऐसे में यह जरूरी है कि इस काले कानून के खिलाफ आवाज बुलंद की जाय। बुधवार को पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियों ने साप्ताहिक कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि 24 अक्टूबर को नुक्कड़ सभा व जनसंपर्क,25 अक्टूबर को रैली व कलेक्टर को ज्ञापन ,26 अक्टूबर को सेमरिया चौक व पुष्करणी पार्क में परिसंवाद, 27 अक्टूबर को उपवास कार्यक्रम,28 अक्टूबर को एट्रोसिटी एक्ट के डर से फांसी लगाने वाले युवक का श्रद्धांजलि कार्यक्रम , 29 अगस्त को एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में पुतला दहन के कार्यक्रम के पश्चात 30 अक्टूबर को ज्वलंत मुद्दो के बैनर पोस्टर व साहित्य जनता के बीच दिए जाएंगे।