brijesh parmar
उज्जैन। विधानसभा चुनाव की जीत के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। सदस्य संख्या कम होने के बाद भी कांग्रेस ने उज्जैन जिला पंचायत अध्यक्ष,उपाध्यक्ष पद के उपचुनाव में कशमकश और सुरक्षा के बीच कांग्रेस के करण कुमारिया ने बीजेपी के अपने प्रतिद्वंद्वी को एक मत से हराकर जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। करण कुमारिया के 10 वोट मिले जबकि बीजेपी के उनके प्रतिद्वंद्वी को 9 वोट ही मिल सके। बीजेपी के डॉ मदनलाल चौहान 1 वोट से जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद पर विजयी घोषित किए गए डॉ चौहान को 10 वोट मिले ।

बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष ,उपाध्यक्ष के उपचुनाव हुए। 21 सदस्यों में 19 सदस्य ही मतदान के अधिकारी थे। जिसमें बीजेपी के 10 जबकि कांग्रेस के 9 सदस्य ही थे। अध्यक्ष पद के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी की भीतरघात का फायदा उठाकर एक भाजपा जिला पंचायत सदस्य का वोट हासिल कर अध्यक्ष पद संख्या बल कम होने के बाद भी हथिया लिया। उज्जैन जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सदस्य संख्या अधिक होने के बाद भी भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव हार गई।

यहाँ आपको बता दें कि 21 सदस्यीय उज्जैन जिला पंचायत में कांग्रेस के 11 और बीजेपी के10 सदस्य थे और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कांग्रेस काबिज थी। जिला पंचायत अध्यक्ष महेश परमार के तराना से विधानसभा चुनाव जीतने और उपाध्यक्ष भरत पोरवाल के अयोग्य घोषित होने से काँग्रेस की सदस्य संख्या घट कर 9 रह गई थी । इसके बाद भी कुशल चुनाव प्रबंधन के चलते कांग्रेस ने संख्या बल कम होने के बाद भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उप चुनाव में जीत हासिल की। जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए करण कुमारिया के मुताबिक सभी कांग्रेसी विधायकों और जिला अध्यक्ष कमल पटेल की कुशल चुनावी रणनीति से जीत हुईहै। उपचुनाव की शुरूआत कलेक्टर एवं एसपी की उपस्थिति में हुई ।निर्वाचन उपरांत कलेक्टर शशांक मिश्र ने करण कुमारिया को अध्यक्ष एवं डा.चौहान को उपाध्यक्ष निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया ।