प्रदेश में पुराने चेहरों को एक बार फिर सामने ला रही कांग्रेस

प्रदेश में पुराने चेहरों को एक बार फिर सामने ला रही कांग्रेस

दिग्विजय को हासिए में पड़े समर्थकों को उपकृत करने का मिल मौका

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में नए क्षत्रपों का उदय न होने के कारण कांग्रेस को अपने वर्चस्व को बचाए रखने के लिए भूले-बिसरे चेहरों की ताजपोशी करना पड़ रही है। सक्रिय नेताओं की कमी के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हासिए में पड़े अपने समर्थकों को भी उपकृत करने का अवसर मिल गया है।

अब याद आया ‘अनुशासन’

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के लिए जो अनुशासन समिति बनाई है, उसमें ऐसे चेहरे हैं, जिनका योगदान कांग्रेस की नई पीढ़ी नहीं जानती है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अजिता वाजपेयी पांडे का है। पांडे अगस्त 2015 में रिटायर हुईं थीं। वर्ष 2018 के विधानसभा के आम चुनाव से पहले कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय हुई थीं।

सभी वर्गों का साधने का फार्मूला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के लिए जो अनुशासन समिति बनाई है, उसमें जाति-धर्म और क्षेत्र को साधने का फार्मूला लागू किया है। समिति में अल्पसंख्यक वर्ग साजिद अली को रखा गया है। वे पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के करीबी हैं।

धुर्वे महाकोशल का आदिवासी चेहरा

जनजाति वर्ग के नन्हेलाल धुर्वे को रखा गया है। धुर्वे भी सक्रिय राजनीति में नजर नहीं आते। वे महाकोशल के आदिवासी अंचल से हैं, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग से पूर्व सांसद बाबूलाल सोलंकी हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल से हैं। सोलंकी 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव में मुरैना से सांसद चुने गए थे।

दुबे को भी समिति में मिली जगह

ब्राहण वर्ग से पूर्व विधायक विनय दुबे को समिति में जगह मिली है। दुबे लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन सक्रिय राजनीति से दूर हैं। पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल पिछड़ा वर्ग से हैं। वे मालवा क्षेत्र से हैं।

नाथ के खास बने उपाध्यक्ष

प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठन का कामकाज देख रहे उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर को समिति में भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। वे कमलनाथ के खास हैं। भारत सिंह की उम्र को देखकर यह कहा जा सकता है कि अनुशासन समिति का काम अप्रत्यक्ष तौर चंद्र प्रभाष शेखर ही देखेंगे। विनय दुबे और साजिद अली पिछली अनुशासन समिति में भी सदस्य रह चुके हैं।

पुराने चेहरों को सक्रिय करने की रणनीति

समिति का अध्यक्ष पूर्व अध्यक्ष भारत सिंह को बनाया गया है। भारत सिंह का जन्म 1945 का है, उन्होंने विधानसभा का आखिरी चुनाव 1998 में लड़ा था। चुनाव जीते भी थे। 2003 के आम चुनाव के बाद से ही उनकी गतिविधियां भी सीमित हो गईं। भारत सिंह राजपूत हैं। रतलाम जिले के जावरा तहसील के निवासी हैं। सिंधिया राजघराने का प्रभाव क्षेत्र भी यहां माना जाता रहा है। सिंधिया के करीबी स्वर्गीय महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा का प्रभाव क्षेत्र भी रहा है। भारत सिंह को महत्व देकर दिग्विजय सिंह इस अंचल में अपने समर्थकों को फिर से खड़ा करना चाहते हैं।

चौंकाने वाला एक नाम

अनुशासन समिति में सबसे चौंकाने वाला नाम रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अजिता वाजपेयी पांडे का है। पांडे के पति अमित पांडे व्यापमं मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। उनका नाम शिक्षक वर्ग तीन की नियुक्ति को लेकर आरोपी के तौर पर सामने आया था। उनकी गिरफ्तारी भी हुई और जेल भी गए। अजिता वाजपेयी 1981 में आईएएस में आने से पहले युवक कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रही थीं। रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस की राजनीति में वापस लौट आई है। विधानसभा चुनाव के दौरान वाजपेयी ने कांग्रेस का वचन पत्र बनाने में कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की मदद की थी।