आईजी ने स हाली कमान, अनुसुइया के जंगल में शुरू हुई सर्चिंग
रीवा के रतहरा के रहनें वाले है अपहरित
जानकीकुंड नेत्र चिकित्सालय में आंखों का इलाज करा लौट रहे थे वापिस
dhanajay tiwari
रीवा। चित्रकूट-सतना स्टेट हाइवे पर बगदरा घाटी के जंगल में मंगलवार को हथियार बंद डकैतों ने सतना की ओर आ रही कार पर फायर करके रोक लिया और डकैतों ने कार में सवार वन विभाग के रिटायर्ड एसडीओ रामाश्रय पांडेय निवासी रतहरा, वन विभाग के रिटायर्ड क्लर्क सुरेश सोहगौरा, रीवा और ड्राइवर मुन्ना का अपहरण कर लिया है। बताया जा रहा है कि अपहरण करने वाला सतना का कु यात डकैत लवलेश कोल और उसके साथी हैं। अपरहण के बाद डकैतों ने इन्हें छोडऩे के एवज में 50 लाख की फिरौती मांगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा रेंज के आईजी उमेश जोगा सतना के मझगवां थाने पहुंच गए हैं और पुलिस टीम के साथ मोर्चा संभाल लिया है।

जानकारी के अनुसार रामाश्रय पांडेय चित्रकूट के जानकीकुंड नेत्र चिकित्सालय में आंखों का इलाज कराने के बाद 2 साथियों के साथ लौट रहे थे। घटना के 4 घंटे बाद डकैतों ने एक अपहृत सुरेश सोहगौरा के मोबाइल से उनके भतीजे से बात कर उन्हें छोडऩे के बदले 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी। अनहरण होनें की जानकारी मिलने के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस ने सर्चिंग अभियान शुरू किया
पूर्व एसडीओ को डकैतों के चंगुल से छुड़ाने के लिए पुलिस की टीम आसपास के जंगलों में सर्चिंग अभियान चला रही है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वन विभाग के पूर्व एसडीओ और दो अन्य लोगों का मंगलवार देर रात चित्रकूट से लगी बगदरा घाटी से अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद डकैत लवलेश कोल ने परिजनों को फोन करके 50 लाख की फिरौती मांगी थी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और डकैत के चंगुल से पूर्व एसडीओ को छुड़ाने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।
अपहरण के बाद सक्रिय हुई आरपीएफ
एसडीओ समेत तीन लोगों के अपरहण के बाद आरपीएफ भी सक्रिय हो गई है और बारामाफी-मारकुंडी इलाके में पहरा बढ़ा दिया गया है। आरपीएफ की टीम इलाके में सर्चिंग कर रही है। ये कोई पहला मौका नहीं है, जब डकैतों ने अगवा करके फिरौती मांगी है। इससे पहले भी डकैत बबली कोल ने टिकरिया रेल फाटक के पास से दो रेलकर्मियों को अगवा कर लिया था। ये लोग भी फिरौती देने के बाद छूटे थे।