दुष्कर्मी अखबार मालिक प्यारे मियां से छिना सरकारी बंगला, सरकार ने रद्द की अधिमान्यता

दुष्कर्मी अखबार मालिक प्यारे मियां से छिना सरकारी बंगला, सरकार ने रद्द की अधिमान्यता

फरार अखबार मालिक प्यारे मियां पर घोषित इनाम राशि बढ़ाकर की अब 30 हजार

मुख्यमंत्री बोले- बेटियों का शोषण करने वाले मानवता के दुश्मन, मैं उन्हें छोडूंगा नहीं

भोपाल। बेटियों के विरुद्ध अपराध करने वाले पूरी मानवता के दुश्मन हैं, मैं उन्हें छोडूंगा नहीं। अपराधों में संलग्न सफेदपोशों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। भोपाल में नाबालिग बेटियों के साथ अपराध करने वाला जघन्य अपराधी है, जहां कहीं भी हो, उसे ढूंढकर कार्रवाई की जाए। प्रदेश में अभियान चलाकर आदतन अपराधियों, माफियाओं, अतिक्रमणकारियों, अवैध शराब का कारोबार करने वालों, चिटफंड धोखेबाजों के विरुद्ध कार्रवाई करें। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के दौरान कही। फरार अखबार मालिक प्यारे मियां पर घोषित इनाम राशि बढ़ाकर की अब 30 हजार कर दी गई है। मुख्यमंत्री बोले- बेटियों का शोषण करने वाले मानवता के दुश्मन, मैं उन्हें छोडूंगा नहीं। इसमें गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव ग्रह एसएन मिश्रा भी मौजूद थे। प्यारे मियां की अधिमान्यता निरस्त मुख्यमंत्री के निर्देश के दो घंटे के अंदर आरोपी अखबार मालिक प्यारे मियां को आवंटित शासकीय आवास और उसको पत्रकार के रूप में दी गई राज्य स्तरीय अधिमान्यता तुरंत निरस्त कर दी गई। इसके साथ सरकारी आवास से बेदखल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जनसंपर्क विभाग ने शासकीय आवास का आवंटन निरस्त करने के लिए अपर मुख्य सचिव गृह विभाग को पत्र लिख दिया है। शनिवार को रात हुई थी घटना शनिवार की देर रात यहां रातीबड़ थाना क्षेत्र में पुलिस को गश्त के दौरान चार पांच नाबालिग लड़कियां मिली थीं। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें कुछ लोग यहां एक मकान पर जन्मदिन की पार्टी में लाए थे। इस दौरान उनके साथ अश्लील हरकतें की गईं और दुष्कर्म किया गया। कथित तौर पर इन नाबालिग लड़कियों को शराब भी पिलाई गई। इसके बाद उन्हें वहां से रवाना कर दिया गया। ये लड़कियां काफी सहमी हुई हैं और विशेषज्ञों से उनकी काउंसिंलिंग भी कराई जा रही है। क्या है मामला राजधानी भोपाल में प्रशासन की नाक के नीचे नाबालिग लड़कियों के शोषण का पूरा रैकेट फलफूल रहा था। मगर किसी को कोई भनक नहीं लगी। खासतौर से नाबालिगों को जाल में फंसाया जाता और फिर उन्हें रसूखदारों के सामने नोंचने के लिए छोड़ दिया जाता। 68 साल का मुख्य आरोपी प्यारे मियां फरार है, जो कि खुद को एक अखबार का मालिक बताता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे अभी से होने लगे हैं। वहीं आष्टा से प्यारे मियां की पजेरो गाड़ी बरामद हुई है जो एक खेत में छुपाकर रखी गई थी। जाल में फंसाता और उन्हें रईस लोगों की पार्टी में पेश करता था पुलिस के मुताबिक प्यारे मियां नाम के इस शख्स के कई रसूखदार लोगों से संपर्क थे। वह 14 से 16 साल की बच्चियों को अपने जाल में फंसाता और उन्हें रईस लोगों की पार्टी में पेश करता था। इससे पहले वह खुद भी इन नाबालिग बच्चियों के साथ हैवानियत करता। पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा नाबालिगों को इसके चंगुल से छुड़ा लिया है। हालांकि प्यारे मियां अभी फरार है और उसका पता बताने वाले 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। कइ्र सफेदपोशों की की उड़ी नींद जैसे ही यह मामला सामने आया है, तभी से भोपाल के कई बड़े व्यापारी, उद्योगपतियों और बिल्डरों की नींद उड़ गई है। जानकारी के मुताबिक ये लोग लगातार प्यारे मियां के साथ उसके फ्लैट के फॉर्महाउस पर पार्टियां करते थे। माना जा रहा है कि जांच की गहराइयों में जाने पर इसके तार कई बड़े नामों से जुड़ सकते हैं। यहां तक कि यह चर्चित हनी ट्रैप से भी बड़ा कांड साबित हो सकता है। गरीब परिवार की लड़कियों को बनाता था निशाना   प्यारे मियां बहुत ही शातिर तरीके से अपने काम को अंजाम देने में लगा हुआ था। गरीब परिवार की लड़कियों को वो खासतौर से अपना निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबिक उसके इस काम को अंजाम देती थी दलाल स्वीटी विश्वकर्मा। जिन बच्चियों को पैसों की जरूरत होती, वह उन्हें स्वीटी के जरिए फंसाता। इसके बाद 68 साल का प्यारे मियां उनके साथ हैवानियत करता। हैवानियत के बदले बच्चियों को 10 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता। यही नहीं कोई लड़की ज्यादा पसंद आने पर उसे टिप के रूप में अतिरिक्त पैसे भी देता। प्यारे मियां के कई ठिकाने हैं। शाहपुरा स्थित ऐशगाह नामक फ्लैट, रातीबड़ का फार्म हाउस, जहां वह न सिर्फ खुद बल्कि अपने दोस्तों को भी हैवानियत करने के लिए बुलाता। कैसे हुआ खुलासा पुलिस ने बताया कि चार लड़कियां शराब के नशे में आ रही थीं पता चला कि नाबालिग शनिवार रात 12:30 बजे तक प्यारे मियां के शाहपुरा स्थित ऐशगाह फ्लैट पर थीं। पार्टी में काफी शराब पीने के बाद उन्होंने खाना खाया और दो स्कूटर से ऐशगाह हिल्स जाने के लिए निकल गईं। मगर नशा ज्यादा होने से रास्ता भटक गईं। इस बीच पुलिस ने उन्हें संदेह के आधार पर रोका। तब रात डेढ़ बजे उन्होंने प्यारे मियां को फोन लगा दिया। काफी पूछताछ के बाद अगले दिन सुबह उन्होंने कबूला कि प्यारे मियां ने उनके साथ गलत किया है। जैसे ही घटना का खुलासा हुआ, प्यारे मियां फरार हो गया। लड़कियां अब्बू पुकारती थीं नाबालिग लड़कियां प्यारे मियां को अब्बू कहकर पुकारती थीं। पुलिस की पूछताछ में दो लड़कियों ने बताया कि वह अब्बा के घर गई थीं। पुलिस का अनुमान है कि चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी की काउंसलिंग में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। डरी हुई हैं बच्चियां चाइल्ड लाइन की निदेशक अर्चना सहाय के मुताबिक बच्चियों से लंबी बातचीत और काउंसलिंग के बाद उन्होंने सब बताया। आगे भी उनकी काउंसलिंग की जाएगी। अभी बच्चियां काफी डरी हुई हैं। भोपाल के डीआईजी इरशाद अली ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए चार टीम बनाई गई हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी। यदि कोई अन्य बच्चियां भी उसका शिकार हुई है तो प्रकरण में यह तथ्य भी जोड़ा जाएगा। आरोपी की मदद करने वाले या उसके साथ इस अपराध में शामिल लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।   इनका कहना है प्रदेश में आदतन अपराधियों, माफियाओं, सफेदपोश व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि उनके विरुद्ध हर एंगल से कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे व्यक्ति किसी भी प्रकार का अवैध लाभ लेने में नहीं चूकते। इकबाल सिंह बैंस, मुख्य सचिव अपराधियों के विरुद्ध चलेगा अभियान लॉकडाउन अवधि में प्रदेश में हत्या और बलवा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। लूट और बलात्कार के मामलों में कमी आई है। प्रदेश में अभियान चलाकर अपराधियों पर कार्रवाई की जाएगी। 15 जुलाई से 15 अगस्त तक वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा। विवेक जौहरी, डीजीपी नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार करने के मामले में आरोपी प्यारे मियां पर 30 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी जल्द ही करने के लिए भी पुलिस टीमों को निर्देशित किया है। उपेंद्र जैन, एडीजी भोपाल, जोन