मिशनरी स्कूलों पर सरकार मेहरबान, आरटीई के बंधन से किया मुक्त

मिशनरी स्कूलों पर सरकार मेहरबान, आरटीई के बंधन से किया मुक्त
भोपाल , मिशनरी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने की कार्रवाई शासन का दिखावा मात्र है। पिछले वर्ष तक राज्य शिक्षा केंद्र (आरएसके) शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर दाखिला नहीं देने वालों की मान्यता समाप्त के आदेश जारी करता रहा है। इस साल आरएसके ने नोटिस जारी अनुदान प्राप्त मिशनरी स्कूलों को 25 फीसदी प्रवेश के बंधन से मुक्ति दे दी है।  आरटीई के तहत सरकार से अनुदान लेने वाले स्कूलों को अपनी 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। भाषाई एवं धार्मिक अल्पसंख्यक अनुदान प्राप्त एवं गैरअनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थाओं को अधिनियम के प्रावधानों से मुक्त रखा गया है। अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थान अल्पसंख्यक के अंतर्गत आते हैं, तो संस्था से सक्षम अधिकारी का अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था होने का प्रामाण पत्र जमा करें। जबकि आरटीई अधिनियम के तहत अनुदान प्राप्त स्कूलों को आरटीई के तहत प्रवेश देने से राहत नहीं दी जा सकती। 10 स्कूलों ने जमा किया प्रमाण-पत्र आदेश जारी होने के बाद राजधानी के दस स्कूल अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र जमा कर चुके हैं। इसमें कार्मल कॉन्वेंट, माउंट कॉर्मल स्कूल, सेंट जोसेफ को-एड स्कूल, कैम्पियन स्कूल, सेंट पॉल हायर सेकंडरी स्कूल, होली क्रॉस को-एड सीनियर स्कूल, सेंट जेवियर हायर सेकंडरी स्कूल, होली फैमिली कॉन्वेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, सेंट मैरी स्कूल। 29 तक जमा होंगे फॉर्म शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत प्राइवेट स्कूलों की प्रथम कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आॅनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 29 मई है। अभिभावकों को फॉर्म के साथ पात्रता संबंधी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करना होगा। आॅनलाइन पंजीयन के पश्चात आवेदकों को संकुल केंद्रों में दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद पात्र छात्रों को आॅनलाइन लॉटरी में शामिल किया जाएगा। 30 तक प्राप्त कर सकते हैं एनओसी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सत्र 2020-21 के लिए सीबीएसई स्कूलों को एमपी आॅनलाइन के माध्यम से एनओसी प्रदाय करने की तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई थी। इस तिथि में 10 मई तक की वृद्घि कर दी गई है। ज्ञात हो कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई स्कूलों की मान्यता व मान्यता नवीनीकरण का जिम्मा प्रदेश स्तर पर स्कूल शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। स्कूल शिक्षा के अंतर्गत संभागीय संयुक्त संचालकों द्वारा निरीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।