Lockdown की मार झेल रहे स्टील कारोबारी, डिमांड ना आने से करोड़ों का बिजनेस ठप

Lockdown की मार झेल रहे स्टील कारोबारी, डिमांड ना आने से करोड़ों का बिजनेस ठप

भोपाल
कोरोना संक्रमण (Coronavirus) को रोकने के लिए मध्य प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) का सख्ती से पालन कराया जा रहा है. ऐसे में कई लोगों के बिजनेस (Business) बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. तमाम उद्योग धंधों के चौपट होने के साथ ही मध्य प्रदेश में लोहा और स्टील (Iron And Steel) के व्यवसाय में भी भारी मंदी आई है. कोरोना महामारी से संक्रमण के बचाव के चलते लगाए गए कर्फ्यू के कारण ये व्यवसाय भी इस साल चौपट हो चुका है.कोरोना संकटकाल में कारोबार का सीजन निकलता जा रहा है.प्रदेश में लगभग 6 हज़ार से ज्यादा स्टील कारोबारी हैं.इस व्यवसाय से प्रदेश में 2 लाख लोगों के परिवार जुड़े हैं.

लॉकडाउन का असर स्टील और लोहा व्यवसाय पर इस कदर पड़ा की प्रदेश को इस अवधि में करोड़ों का नुकसान होने का अंदेशा लगाया जा रहा है. लाकडाउन फेज-3 के दौरान राज्य सरकार के निर्देश पर स्टील की मिलें तो खोल दी गईं, लेकिन दुकानें बंद होने के कारण मार्केट में स्टील और स्टील प्रोडक्टस की मांग नहीं है. कारोबारियों की मानें, तो हर साल गर्मी के दिनों में स्टील की मांग बढ़ जाती है और भाव करीब 5 सौ से एक हजार रुपये टन तक बढ़ जाते हैं. इस बार पूरा सीजन मंदी में ही निकल गया.

उधर पिछले 15 दिनों में लोहे की कीमतों में लगभग 2500 रुपए टन का इजाफा हुआ है. 28 हजार रुपए टन मिल रहा था, अब उसकी कीमत लगभग 44 हजार तक पहुंच गई है। भले ही सरकार ने रोलिंग मिलों को शुरू करने की अनुमति नहीं दी है, लेकिन गोदामों में रखे लोहे की कीमत बढऩे से इस उद्योग को थोड़ी मदद हुई है. कीमत बढऩे के पीछे ओडिशा और छत्तीसगढ़ की खदानों से आइरन ओर की आपूर्ति पिछले एक माह से नहीं होना भी कारण है.

स्टील के प्रमुख खपत वाले शहरों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पीथमपुर, मालनपुर, मंडीदीप,भोपाल का गोविंदपुरा क्षेत्र और देवास आदि शामिल हैं.सरकार की अनुमति से कुछ इकाइयों में उत्पादन शुरू हुआ है,लेकिन ऑर्डर नहीं मिलने से फैक्टरियों में काम बंद पड़ा है. प्रदेश के स्टील कारोबारियों की माने तो हर महीने करीब 5 लाख टन की खपत रोज होती है. डिमांड के आंकड़ों पर नजर डालें तो 16 हजार टन रोजाना इस सीजन में मार्केट की मांग रहती थी जो लॉकडाउन के कारण अब ना के बराबर हो गई है.