मुसलमानों के लिए अल्कोहल वाले सैनिटाइजर हराम, न करें इस्तेमाल: मुफ्ती

मुसलमानों के लिए अल्कोहल वाले सैनिटाइजर हराम, न करें इस्तेमाल: मुफ्ती
बरेली। दरगाह आला हजरत स्थित सुन्नी मरकजी से जुड़े दारुल इफ्ता के मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी ने कहा है कि इस्लाम में अल्कोहल को हराम करार दिया गया है। इसलिए सैनिटाइजर का इस्तेमाल मस्जिदों में न किया जाए। मस्जिद अल्लाह का घर है, उसे नापाक न होने दें। अनलॉक-वन में मस्जिदें खोली गई हैं। ऐसे में शासन की तरफ से गाइडलाइन जारी की गई है। अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से धार्मिक स्थलों को सैनिटाइज कराने को कहा गया है। इस पर मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारूकी ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अल्कोहल से बने सैनिटाइजर का इस्तेमाल मुसलमानों के लिए हराम है और उससे मस्जिदों को सैनिटाइज करने का मतलब पूरी मस्जिद को नापाक करना है। नापाक जगह पर नमाज नहीं हो सकती। अल्कोहल के अलावा अन्य साधनों से हो रही साफ-सफाई इस फतवे पर ऑल इंडिया तंजीम उलमा-ए इस्लाम के जनरल सेक्रेटरी मौलाना सहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि मस्जिदों की साफ-सफाई बहुत जरूरी है। हुकूमत ने भी साफ़-सफाई को लेकर गाइडलाइन जारी किया है। इसमें अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर से मस्जिदों को साफ़ करने की बात कही गई है। चूंकि अल्कोहल का इस्तेमाल दुरुस्त नहीं है, इसलिए एक ऐलामिया जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि अल्कोहल के अलावा भी कई चीजें हैं, जिससे साफ-सफाई की जा रही है। साथ ही नमाजियों को भी कहा गया है कि वे घर से निकलें तो मास्क लगाकर निकलें, घर से ही वजू करके निकलें। मस्जिद में नमाज के लिए खुद अपनी चटाई लेकर साथ आएं। सहारनपुर स्थित दारुल उलूम देवबंद ने भी मस्जिदों में अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर के इस्तेमाल को हराम बताया है। दारुल उलूम देवबंद ने भी मुस्लिमों से अपील की है कि वे नमाज पढ़ने से पहले अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का प्रयोग न करें।