अब नहीं थमेगी इन बच्चों के दिल की धड़कन

अब नहीं थमेगी इन बच्चों के दिल की धड़कन

अब नहीं थमेगी इन बच्चों के दिल की धड़कन

सर्जरी के लिए 13 बच्चे हुए रवाना

नारायणा ह्दयालय बैंगलोर लिमिटेड की मुम्बई शाखा में होगी निःशुल्क सर्जरी

  Syed Javed Ali मंडला - राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत जिला चिकित्सालय मंडला के जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में विगत दिवस बाल हदय रोग के लिए मंडला कलेक्टर डॉ. जगदीश चंद्र जटिया के निर्देशन में शिविर आयोजित किया गया। जिसमें हदय रोग से पीड़ित बच्चों का जांच परीक्षण कर 24 बच्चों को सर्जरी के लिये चयनित किया गया। जिसमें शनिवार को 13 बच्चों को नारायणा ह्दयालय बैंगलोर लिमिटेड की मुम्बई शाखा के लिये रवाना किया गया। अब इन बच्चों के दिल की धड़कन नहीं थमेगी। अब सभी बच्चें सामान्य जीवन जी सकेंगे। इन बच्चों के साथ आरबीएसके चिकित्सक डॉ. सिद्धांशु झारिया गए है। सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह ने बताया कि जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में विगत 7 अगस्त को हृदय रोग जांच परीक्षण शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में नारायणा ह्दयालय बैंगलोर लिमिटेड की मुम्बई शाखा से आए विशेषज्ञों की टीम ने हृदय रोगी बच्चों की इको-कार्डियो मशीन से जांच की गई। जिसमें हृदय रोग से पीड़ित बच्चें मिले। इन बच्चों को नारायणा ह्दयालय में निशुल्क ऑपरेशन के लिए दो शिफ्ट में बच्चों को भेजा जाएगा। पहली शिफ्ट 19 अक्टूबर को भेजी गई। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. श्रीनाथ सिंह, डीपीएम डॉ. जेपी सिंह, जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती, कीर्ति सिंह टीबी कॉआडिनेटर, वीरेन्द्र पाटिल, डॉ. रश्मि जैन, एएनएम राजकुमारी समेत डीईआईसी स्टाफ बबीता रघुवंशी, अखिलेश मौजूद रहे। जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती ने ह्दय रोग से पीड़ित बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर बातचीत की। उन्होंने कहा कि जिले में और भी ऐसे बच्चें होगे। उन्होंने चिन्हित किया जाए। यदि पीड़ित बच्चे के परिजनों को कोई समस्या है तो हम उन्हें मोटीवेट करेंगे। डीपीएम डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि विगत माह आयोजित शिविर में ह्दय रोग की सर्जरी के लिए 24 बच्चों का चिन्हांकन किया गया था। जिनके उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री बाल ह्दय रोग उपचार योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। डीपीएम डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को निरूशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में दी जा रही है। जिससे कि पीड़ित बच्चे निरोगी हो सके। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र मंडला में गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों का जांच एवं उपचार कराया जाता है। इन बच्चों की होगी सर्जरी - जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक राजाराम चक्रवर्ती ने बताया कि 19 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे जिला चिकित्सालय परिसर से रवाना हुए। चयनित 13 बच्चों को नारायणा ह्दयालय बैंगलोर लिमिटेड की मुम्बई शाखा के लिये आदित्य चक्रवर्ती 15 वर्ष, प्रभा मरावी 11 वर्ष, आयुशी ठाकुर 6 माह, वेदिका मरकाम 5 वर्ष, संगीता बरकड़े 16 वर्ष, शिवम मर्सकोले 15 वर्ष, कृपा विश्वकर्मा 11 वर्ष, आर्थव पावले 10 माह, अंजली कुर्वेती 9 वर्ष, हर्ष विश्वकर्मा 1 वर्ष, सायना पन्द्रो 4 वर्ष, अभिलाषा मरावी 8 वर्ष, रानी कोर्चे 8 वर्ष को शल्य चिकित्सा के लिये रवाना किया गया। बच्चों का होता है फालोअप - योजना के तहत ह्दय रोग से पीड़ित चिन्हित बच्चों का शासन द्वारा निरूशुल्क उपचार किया जा रहा है। बच्चों की सर्जरी के बाद अगले तीन माह तक बच्चों का फालोअप निरूशुल्क किया जाता है। फालोअप में तीन माह तक आवश्यक दवाईयां, जांच परीक्षण निरूशुल्क दी जाती है।