जल्द ही होगा शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार

जल्द ही होगा शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार
भोपाल, मध्य प्रदेश में लॉकडाउन 3 खत्म होने के बाद शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि वे इस संबंध में लगातार पार्टी आलाकमान के संपर्क में हैं. 17 मई के बाद मंत्रिमंडल का स्वरूप बड़ा हो जाएगा. शिवराज ने ये भी संकेत दिए कि मध्य प्रदेश में लॉकडाउन में इस बार थोड़ी नरमी बरती जा सकती है. सरकार का सारा ध्यान और प्रयास कोरोना की चेन तोड़ने पर है. इसके लिए जो भी जरूरी कदम होगा, वह उठाया जाएगा. उन्होंने कहा मेरे चौथे कार्यकाल का ये सबसे चुनौतीपूर्ण समय है. सीएम शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए हैं कि 17 मई के बाद वो अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. वे लगातार पार्टी हाईकमान के संपर्क में हैं. 17 तारीख के बाद इस पर केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन से चर्चा की जाएगी और उसके बाद विस्तार होगा. कोरोना संकट के बीच 23 मार्च को प्रदेश की चौथी बार कमान संभालने वाले शिवराज सिंह ने करीब 29 दिन तक अकेले ही सरकार चलाई थी. पिछले महीने मंत्रिमंडल गठन में सिर्फ 5 मंत्रियों को ही जगह दी गई है. मंत्रिमंडल का अब विस्तार होना है. शिवराज सिंह चौहान ने माना कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका ये चौथा कार्यकाल अब तक का सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है. कोरोना संकट के बीच राज्य की कमान संभालने के एक घंटे के भीतर ही काम शुरू कर दिया था. ये अलग तरह की चुनौती है. कोरोना के सामने हाथ-पैर बंधे हुए हैं. उन्होंने बताया कि मैं इंदौर जाना चाहता हूं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें ऐसा करने से मना किया. ये कहा गया कि जहां हूं वही से काम करूं. संकट के समय अगर प्रदेश के लिए बेहतर काम कर पाया तो ये मेरे लिए धन्य हो जाने जैसा होगा. मध्य प्रदेश में लॉकडाउन 4.0 थोड़ा नरम और थोड़ा सख्त हो सकता है. कहीं रियायत होगी और कहीं सख्ती. लॉकडाउन 4.0 लागू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाका पेश किया. उन्होंने संकेत दिए कि 17 मई के बाद लॉकडाउन थोड़ा सख्त-थोड़ा नरम होगा. इसमें कोरोना की चेन तोड़ने की कोशिश होगी तो वहीं आर्थिक गतिविधियों को जारी रखने की पहल भी होगी. शिवराज सिंह ने मजदूरों के पलायन और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर भी अपना प्लान बताया. सीएम शिवराज ने कहा-हमने प्रदेश की जनता से व्यापक विचार-विमर्श किया है. पत्रकारों, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप, जनप्रतिनिधियों, प्रमुख नेताओं, समाजसेवियों और धर्मगुरुओं से भी चर्चा की है. उस चर्चा के आधार पर अलग-अलग इलाके की समीक्षा की जा रही है. ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन के लिए अलग-अलग रणनीति बनाई जा रही है. रणनीति में दो बातों पर फोकस होगा. पहला कोरोना संक्रमण की चेन रोकना और दूसरा आर्थिक गतिविधियां शुरू करना. सीएम ने कहा हम विस्तार से रूपरेखा बना रहे हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- हमें कोरोना के साथ जीना सीखना होगा. कोई भी इसकी निश्चित तारीख नहीं बता सकता. कई ऐसी जगह हैं जहां कोरोना खत्म हो गया था, लेकिन फिर से वहां बीमारी फैलने लगी. शिवराज सिंह ने जोर देकर कहा-कोरोना से बचने के लिए आयुर्वेदिक औषधियां कारगर हैं. मैं रोज काढ़ा पीता हूं और लोगों से भी अपील करता हूं वो भी काढ़ा पिएं. प्रदेश के एक करोड़ परिवारों तक काढ़ा पहुंचाया जा चुका है. अगर हम अपनी इम्युनिटी पावर बढ़ा लें, तो कोरोना से बचा जा सकता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा- हमारी सरकार अब तक 13,600 करोड़ रुपए अलग-अलग योजनाओं में बांट चुकी है. हमने डेढ़ महीने में यह राशि जनता के खाते में डाली है क्योंकि जहां चाह होती है वहां राह होती है. यह बात सही है कि संकट है. लेकिन हमने आपदा को अवसर में बदलने का काम किया है. संबल से लेकर पीएम आवास योजना तक में लोगों को पैसा ट्रांसफर किया गया है. अभी हमें निर्माण की गतिविधियां भी तेज करना है ताकि लोगों को रोजगार मिले. हम रोते रहें कि पैसा नहीं है तो इससे काम नहीं बनता बल्कि रास्ते निकालने पड़ते हैं. शिवराज सिंह चौहान ने कहा मैं सभी मजदूर भाई बहनों से निवेदन करना चाहता हूं कि वे चिंता न करें. हम मजदूरों को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. लगातार ट्रेनें आ रही हैं. 2 लाख 26 हजार मजदूर ट्रेन और बसों के जरिए वापस आ चुके हैं. अपने साधनों से भी लोग आ रहे हैं. जहां-जहां मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिल रही है, वहां बसें भेजने की व्यवस्था की जा रही है. श्रमिक चिंता न करें. हम उनके खाने-पीने और रोजगार की व्यवस्था करेंगे. उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाएंगे. शिवराज सिंह ने औरंगाबाद रेल दुर्घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी जल्दबाजी न करे. हड़बड़ी में अनहोनी हो सकती है. लगभग 500 बसें रोज लोगों को घर तक पहुंचा रही हैं जो जहां है वहां रहकर सूचना दे. हम उन्हें लाने की व्यवस्था करेंगे.