एसडीएम बोले- छोटी बातें है जाने दो, तहसीलदार ने जानकारी से ही कर दिया इनकार
शैलेन्द्र मिश्रा
भिण्ड। परिवहन विभाग के नियमों का मखौल उड़ाते हुए प्रशासनिक अधिकारी सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन वाहनों की नम्बर प्लेेट पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नम्बर नहीं बल्कि इनके पद नाम लिखे हुए हैं, फिर भी इस पर अब तक न तो यातायाता पुलिस की नजर पड़ी है और न ही आरटीओ का ध्यान इस ओर गया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में भिण्ड एसडीएम एचबी शर्मा व भिण्ड तहसीलदार रामजी लाल वर्मा के वाहन खड़े दिखे। इन दोनों ही अधिकारियों के वाहनों की नम्बर प्लेट पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नम्बर नहीं बल्कि रौब में एसडीएम व तहसीलदार लिखा दिखा। इस पर जब एसडीएम से बात की गई तो उन्होंने मामले को दबाने का प्रयास किया और कहा कि वाहन नया है और अभी इसका रजिस्टे्रशन नम्बर नहीं आया है। साथ ही लगे हाथ उन्होंने यह भी सलाह दे डाली की यह छोटी बातें हैं इन पर ध्यान देने की बजाए बड़े मुद्दों पर ध्यान दिया करों। जब इसकी जानकारी की गई तो पता चला कि नया वाहन खरीदने के बाद 15 दिन के भीतर परिवहन विभाग वाहन का नम्बर जारी कर देता है। उधर जब तहसीलदार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरा वाहन किराए पर लगाया गया है और मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि इस पर नम्बर क्यों नहीं डाला गया है। उन्होंने इसे दिखवाकर आज ही नम्बर डलवाने की बात की।
एसडीएम बोले- छोटी बातों को छोड़ो, बड़े मुद्दे खोजो
इस मामले पर एसडीएम एचबी शर्मा बोले की यह छोटी बातें हैं, इन्हें छोड़ो बड़े मुद्दे देखा करों। इस पर उन्हें बताया गया कि जिम्मेदार और उच्च पदों पर बैठे लोग ही ऐसा करेंगे तो यह छोटी बात कहां रह जाती है। उन्होंने कहा कि वाहन नया है और उसका नम्बर नहीं आया है, नम्बर आते ही उसे डलवा लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदार के वाहन पर नम्बर क्यों नहीं है इसको दिखवाने की बात की।
तहसीलदार बोले- मुझे नहीं है जानकारी, दिखवाता हूं
तहसीलदार के वाहन पर रजिस्ट्रेश नम्बर न होने के चलते जब उनका पक्ष जाना गया तो उन्हें यह कहने में संकोच नहीं किया कि उनके वाहन पर नम्बर डला है कि नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन किराए पर लगा हुआ है और इस पर नम्बर नहीं है तो वाहन मालिक से बात कर आज ही नम्बर डलवाने को कहा जाएगा। इसमें मजे की बात यह है कि जिस वाहन को तहसीलदार इस्तेमाल कर रहे हैं उस पर नम्बर है कि नहीं, यह बात उन्हें अब तक पता ही नहीं है।
बिना नम्बर के कैसे दौड़ रहे वाहन
आचार संहिता के दौरान जब अफसर ही बिना नम्बर के वाहन लेकर भाग-दौड़ कर रहे हैं तो आमजन से क्या उम्मीद की जा सकती है। सवाल यह भी है कि यातायाता अमला व पुलिस जगह-जगह चेकिंग पॉइन्ट लगाकर वाहनों की चेकिंग कर रही है, लेकिन इन अधिकारियों के बिना नम्बर के वाहनों पर इनकी नजर क्यों नहीं पड़ रही है।
विधायकों के चालान, अफसरों की अनदेखी
अभी हाल ही में यातायाता पुलिस ने यूपी के दो विधायकों के चालान काटकर जमकर वाहवाही लूटी थी, इन विधायकों के वाहन पर पार्टी के झंड़े व पद प्लेट लगे होने के चलते यह कार्रवाई की गई। लेकिन यातायाता व पुलिस की नजर चेकिंग पॉइन्ट से गुजरने वाले अधिकारियों के बिना नम्बर के वाहनों पर नहीं जा रही है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों के वाहनों पर लगी पद प्लेट से पूरी की पूरी सख्ती रखी रह जाती है।
इन वाहनों का कर रहे संचालन
भिण्ड एसडीएम एचबी शर्मा व तहसीलदार रामजीलाल शर्मा दानों ही अधिकारी अलग-अलग बुलेरो चार पहिया वाहन का उपयोग कर रहे हैं और इन दोनों ही वाहनों पर नम्बर प्लेट की जगह इनके पद लिखे हुए हैं। जानकारी मिली है कि यह दोनों ही वाहन किराए पर लगाए गए हैं और इन पर कार्रवाई सिर्फ इसलिए नहीं हो पा रही है, क्योंकि यह वाहन अफसर इस्तेमाल कर रहे हैं और इन पर एसडीएम व तहसीलदार बड़े-बड़े शब्दों में लिखा हुआ है।
फोटो नम्बर-1,2