नेतृत्व विकास के विद्यार्थियों की अनूठी पहल

नेतृत्व विकास के विद्यार्थियों की अनूठी पहल

दीवार लेखन से बना रहे बाल विवाह की खिलाफत का माहौल

khemraj mourya शिवपुरी। बाल विवाह के खिलाफ समाज धीरे-धीरे ही सही पर जागरूक हो रहा है। यह इसी बात का प्रमाण है कि लॉकडाउन के हालातों में भी सामाजिक जागरूकता एवं प्रशासनिक सजगता से डेढ़ माह के भीतर 34 बाल विवाहों को मौके पर जाकर रोका गया। प्रशासन जिले से बाल विवाह के कलंक को मिटाने के लिये लाड़ो अभियान का संचालन कर रहा है। अभियान के तहत मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों द्वारा अपने अपने गांव-वार्डों में बाल विवाह की खिलाफत का माहौल बनाने के लिये दीवार लेखन किया जा रहा है। इन विद्यर्थियों के द्वारा विवाह की सही उम्र,बाल विवाह की सजा, बाल विवाह के दुष्प्रभाव एवं बाल विवाह होने पर कहां सूचना दें यह सब अंकित किया जारहा है। बाल विवाह मुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिये सामाजिक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत संचालित बैचलर ऑफ शोसल वर्क पाठ्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं,आशा कार्यकर्ताओं के साथ शौर्यादल के सदस्यों की नेतृत्व क्षमताओं की विकसित किया जाता है। लिखा जानकारी मिले तो 1098 पर सूचना दें समुदाय को बाल विवाह के दुष्प्रभावों से परिचित कराते हुए आयोजन की जानकारी होने पर 1098 पर कॉल करने की अपील की करने वालों में शहर के वार्ड नं. 32 में शौर्यादल सदस्य करिश्मा सिनोरिया , वार्ड नं. 35 में शौर्यादल सदस्य सीमा माहौर एवं वार्ड नं. 36 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सविता रजक एवं सुषमा रजक ने आंगनबाड़ी सहायिका सन्नो बानो एवं शौर्यादल सदस्यों के साथ दीवार लेखन का कार्य किया। परियोजना कोलारस के खरई सेक्टर के गांव सुआटोर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मिथलेश शर्मा,आशा कार्यकर्ता ममता शर्मा एवं आशा सहयोगिनी कमला बाथम ने दीवार लेखन कर बाल विवाह न करने के लिये जन समुदाय को प्रेरित किया। बदरवास परियोजना के सांडर गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नेहा वैरागी एवं सहायिका कृष्णा शर्मा ने एवं चिटोरी कलां में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शिमला जाटव ने समुदाय को बाल विवाह करने की सजा से परिचित कराने के लिये दीवार लेखन किया। इनका कहना है बाल विवाह के खिलाफ समाज के हर व्यक्ति को खड़ा होना होगा,तभी इस बुराई को मिटाया जा सकता है। नेतृत्व विकास जे स्टूडेंट्स का प्रयास सराहनीय है कि वे सोते हुए समुदाय को जगाने का काम कर रहे है। - राघवेन्द्र शर्मा,बाल संरक्षण अधिकारी, शिवपुरी