रंग लाई मेहनत: आखिरकार छठ से पहले भारत लौट आया ओमान में फंसा देवरिया का लाल.

रंग लाई मेहनत: आखिरकार छठ से पहले भारत लौट आया ओमान में फंसा देवरिया का लाल.
देवरिया,नौकरी करने खाड़ी देश ओमान में फंसे देवरिया के दिनेश कुशवाहा की छठ से पहले सकुशल भारत वापसी हो गई। दिनेश पिछले चार महीनों से ओमान में फंसे थे और दर दर भटकने को मजबूर थे. यहां से जिन परिजनों ने दो पैसे की आस में उसे विदेश भेजा था, कर्ज लेकर दिनेश को पैसे भेज रहे थे। दिनेश ने विदेश मंत्रालय समेत सामाजिक कार्यकर्ता धीरज राय के प्रति आभार व्यक्त किया और धन्यवाद ज्ञापित किया है। सोशल मीडिया बना रास्ता दिनेश ने सोशल मीडिया के जरिये दिल्ली में रहने वाले देवरिया निवासी व देशप्रेमी इंडिया फाउंडेशन के सचिव धीरज राय से संपर्क किया, जिसके बाद धीरज राय ने विदेश मंत्रालय समेत दिल्ली स्थित ओमान के दूतावास को पत्र लिखकर उसके वतन वापसी के लिए प्रयास किया। जिसके बाद मंत्रालय हरकत में आया।फाउंडेशन के सचिव धीरज राय का कहना है कि मेहनत रंग लाई आखिरकार महीनों मेहनत के बाद दिनेश की वापसी हो गयी, इससे खुशी की बात और क्या हो सकती है। धीरज राय ने विदेश मंत्रालय का आभार व्यक्त किया जिसकी सक्रियता से यह संभव हो पाया। दिनेश के भाई दुर्गेश कुशवाहा का कहना है कि भाई की वापसी से वह बहुत खुश हैं। महीनों से भटक रहे थे दिनेश देवरिया जिले के नूनखार निवासी श्रीराम कुशवाहा के पुत्र दिनेश कुशवाहा दो साल पहले नौकरी के लिए ओमान गए थे. वहां पर वह फील्ड इंटरनेशनल में कार्यरत थे, दिनेश ने बताया कि गत 4 माह पहले से कम्पनी ने सैलेरी देनी बंद कर दी. इसके अलावा उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया था।कंपनी की ओर से रिलीविंग लेटर भी नहीं दिया था, जिससे उन्हें अन्य किसी अन्य कंपनी में भी नौकरी नहीं मिल रही थी। पासपोर्ट नहीं मिलने से वह भारत भी वापस नहीं आ सकते थे। मंत्रालय और दूतावास में हुई थी शिकायत देशप्रेमी इंडिया फाउंडेशन के सचिव धीरज राय से संपर्क किया था और पूरी बात बताई जिसके बाद उन्होंने दिनेश के परिजनों से संपर्क किया और संबंधित दस्तावेज जुटाकर दिल्ली में विदेश मंत्रालय और दिल्ली स्थित मसकट के दूतावास में इसकी शिकायत की थी। धीरज राय का कहना है कि मेहनत रंग लाई आखिरकार महीनों मेहनत के बाद दिनेश की वापसी हो गयी इससे खुशी की बात और क्या हो सकती है। धीरज राय ने विदेश मंत्रालय का आभार व्यक्त किया जिसकी सक्रियता से यह संभव हो पाया। हैं। काम आया मंत्रलाय का दबाव दिनेश ने बताया कि उनके कम्पनी का मालिक उनकी एक नही सुनता था और नहीं उनका पासपोर्ट वापस करने को तैयार होता था ऐसे में उन्होंने जब भारत में सोशल मीडिया के जरिये देवरिया के निवासी धीरज राय को पूरी व्यथा बताई और जब उन्होंने सभी दस्तावेजों के साथ मंत्रालय और दूतावास में शिकायत की तब जाकर ओमान प्रशासन भी हरकत में आया और इसी दबाव के कारण उनके कम्पनी के मालिक ने उनका न केवल पासपोर्ट वापस किया, बल्कि उनका भारत लौटने का टिकट भी दिया हालांकि दिनेश को 4 महीने का मेहनताना नहीं ही मिला।। खुश है दिनेश का परिवार दिनेश की घर वापसी की राह देख रहे उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। उनके किसान पिता श्रीराम भगत का कहना है कि दिनेश किसी तरह वापस आ गए यही उनके लिए बड़ा धन है।दिनेश की पत्नी और उनके दोनों बच्चे भी दिनेश की घर वापसी से खुश हैं। दिनेश के भाई दुर्गेश कुशवाहा का कहना है कि भाई की वापसी से वह बहुत खुश हैं। बिगड़ चुकी है आर्थिक स्थिति दिनेश के अनुसार वह वहां पर किसी तरह गुजर बसर कर रहे थे, कई भारतीयों के सहयोग से उन्होंने एक एक दिन काटा. दिनेश बताते हैं कि आलम यह था कि उन्हें परिजनों से पैसे मंगा कर गुजर बसर करना पड़ा। उन्होंने बताया कि कमाने के चक्कर मे वह ओमान गए थे लेकिन वहां से किसी तरह जान बचा कर भारत लौटे हैं। यहां तक कि परिजनों पर कर्ज भी हो चुका है, जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ चुकी है.