कैलाश विजयवर्गीय के एक वीडियो से विवाद खड़ा हो गया, कांग्रेस ने की आलोचना
भोपाल
भारतीय जनता पार्टी (BJP) महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के एक वीडियो से विवाद खड़ा हो गया है। इसमें भाजपा नेता कथित तौर पर यह दावा करते हुए नजर आ रहे हैं कि वह पार्टी के कार्यकर्ताओं की मदद के लिए देर रात को भी थाने में फोन करते हैं। विजयवर्गीय का यह कथित वीडियो मंदसौर जिले के सीतामऊ कस्बे में एक कार्यकर्ता बैठक का बताया जा रहा है।
शुक्रवार को इस बैठक में विजयवर्गीय ने कहा, 'मैं तो रात को दो बजे भी खुद ही फोन उठाता हूं, किसी भी कार्यकर्ता का फोन आये, मैं कोलकाता में भी रहता हूं तो वहां फोन आता है कि दादा मैं पत्ते खलने गया था, पुलिस पकड़ के ले गयी। तो मैं रात को दो बजे थाने फोन करता हूं कि देख लेना यार वो पैसे नहीं, ऐसे ही खेल रहे थे। करना पड़ता है अपना कार्यकर्ता है।'
विजयवर्गीय के इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि भाजपा नेता स्वयं ही सच कह रहे हैं। सलूजा ने कहा, 'मोदीजी-शाहजी ये कैसी भाजपा, ये कैसी सिस्टम, ये कैसी सोच, ये कैसा नया भारत। जिम्मेदार नेतृत्व, कार्यकर्ताओं को पत्ते खेलते हुए पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर थाने फोन कर छुड़ाते हैं, खुद सच्चाई बयां कर रहे हैं। समाज में क्या संदेश दे रहे हैं आप। कार्यकर्ता की क्या पहचान बता रहे हैं आप।'
दूसरी ओर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, 'भाजपा कार्यकर्ता इस तरह का काम नहीं करते हैं। कैलाश जी ने इस बारे में बात नहीं की... मैंने इसे (वीडियो) सुना, कैलाश जी ने ऐसा कुछ नहीं कहा... भाजपा, कैलाश जी या पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता इस तरह के कृत्यों की सराहना नहीं करता है। यदि कुछ गलती से होता है तो भाजपा अपने सिस्टम में इसका ध्यान रखती है।'
सीतामऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में मौजूद भाजपा के वरिष्ठ विधायक यशपाल सिसोदिया ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि विजयवर्गीय ने अपराधियों को रिहा करने की बात नहीं की। सिसोदिया ने कहा, 'कैलाश जी का बयान मुसीबत में घिरे लोगों की मदद की बारे में थी जो कभी कभी समय बिताने के लिये पत्ते खेलने पर पुलिस द्वारा पकड़ लिये जाते हैं। यह जुए में शामिल लोगों के बारे में नहीं था।' सिसोदिया ने कहा कि बयान किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों की मदद करने के बारे में नहीं था।
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