कोरोना से जनता को बचाने के लिए पुलिस ने अपनाया ये फॉर्मूला
भोपाल
मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में लॉक डाउन (lockdown) के उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले राजधानी में बढ़ने की वजह से भोपाल पुलिस (bhopal police) ने फ्लैग मार्च का फॉर्मूला अपनाया है. गुंडे बदमाशों में दहशत पैदा करने और आम जनता में पुलिस मौजूदगी का भरोसा दिलाने के लिए फ्लैग मार्च निकाला जाता है. लेकिन अब लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने और लॉक डाउन का पालन कराने के लिए पुलिस फ्लैग मार्च का फॉर्मूला अपना रही है.
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉक डाउन का सख्ती से पालन करवाने के मकसद से भोपाल के नए और पुराने इलाके में फ्लैग मार्च निकाला गया. इसमें रुद्र, वज्र, जिप्सी और बस सहित 15 वाहन शामिल थे. इस मार्च में एसटीएफ, क्यूआरएफ, एसएएफ और जिला बल सहित करीब 120 पुलिसकर्मी शामिल हुए.
गुरुवार दोपहर पुराने पुलिस कंट्रोल रूम से फ्लैग मार्च शुरू हुआ जो एक्सटॉल तिराहा, जिंसी चौराहा, बोगदा पुल, ऐशबाग, महामाई का बाग, अशोका गार्डन, द्वारिका नगर, चांदबड़ से होते हुए थाना बजरिया तिराहा पहुंचा. यहां से ये फोर्स संगम टाकीज तिराहा, नादरा बस स्टेंड, भोपाल टॉकीज चौराहा, सिंधी कॉलोनी चौराहा, थाना टीला क्षेत्र, डीआईजी बंगला, हाउसिंग बोर्ड, भानपुर तिराहा, छोला मंदिर क्षेत्र, दशहरा मैदान से 80 फिट रोड होते हुए वापस डीआईजी बंगला चौराहा पहुंचा. आगे अभी और रास्ता बाकी थी. इसलिए पूरा फोर्स वहां से BGBT कॉलेज, मिलेट्री गेट, बजरिया चौराहा, शाहजहांनाबाद थाने के सामने से होते हुए इमामी गेट, पीरगेट, रेतघाट, पॉली टेक्निक चौराहा, राजभवन तिराहा होते हुए वापस पुलिस कंट्रोल रूम पर समाप्त हुआ.
पुलिस ने सभी लोगों से लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस का सख़्ती से पालन करने की अपील की. पुलिस का मानना है फ्लैग मार्च से निश्चित ही जनता में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जागरुकता आयी होगी और पुलिस मौजूदगी का भरोसा हुआ होगा. जनता कोरोना संक्रमण की गंभीरता को समझेगी और लॉकडाउन के नियमों का पालन कर पुलिस और प्रशासन का सहयोग करेगी.
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