पीडब्ल्युडी ऑफिस के पीछे झाड़ियों में मिला नवजात


अनूपपुर में रात के अंधेरे में किसी ने एक दिन के नवजात शिशु को पीडब्ल्यूडी आफिस के पीछे झाड़ियों के पीछे फेंक दिया.शनिवार की सुबह वार्ड के कुछ नौजवानों ने बच्चे के रोने की जब  आवाज सुनी तो झाड़ी के पीछे जाकर देखा तो वहां एक नवजात पड़ा दिखा.उसके बाद सुबह तकरीबन 8 बजे उसे स्थानीय लोग पुलिस को सूचना देने के बाद जिला अस्पताल लेकर आए.बच्चा  जख्मी था और पूरे शरीर में घाव थे और कीड़े चिपक रहे थे. शायद उसका जीवन ही था कि आवारा कुत्तों की नजर नहीं पड़ी वरना तो उसे नोचकर खा जाते. नवजात को जिला अस्पताल के शिशु गहन चिकित्सा इकाई एसएनसीयू में भर्ती किया गया है.पुलिस ने जीरो रजिस्टर में विवरण दर्ज कर आसपास के इलाके मे पूछताछ और खोज शुरु कर दी   है कि शायद बच्चे की मां का पता चल जाए.

डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चा प्री-मेच्योर है और घायल भी है.लोगों में चर्चा रही कि कम से कम नवजात को झाड़ी में जिंदा फेंकने की जगह जो   अनाथ आश्रम के पालना हैं, उनमें डाला जा सकता था पर उस योजना का प्रचार-प्रसार सही तरह से नहीं हो पा रहा.मध्य प्रदेश सरकार की पालना योजना का उद्देश्य यही है कि ऐसे बच्चे को   फेंके या मारें नहीं बल्कि पालना में डाल दें ताकि जिनके बच्चे नहीं हैं,उन्हें बच्चा मिल जाए और समाज को ऐसे अमानवीय कृत्य से छुटकारा मिले.