पुलिस काे अब दीपू की तलाश, वो जानता है विकास दुबे के हर राज
कानपुर
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का गुनहगार विकास दुबे के साथियों को खोजने में पुलिस दिन-रात एक किए है। विकास के गुर्गों की तलाश तो पुलिस और एसटीएफ की टीमों द्वारा की ही जा रही पर सबसे ज्यादा विकास के भाई दीपू की तलाश हो रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दीपू के पकड़े जाने के साथ ही कुख्यात के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां मिलेंगी जो उसके कुछ छुपे हुए सफेदपोशों का पर्दाफाश करेंगी। एसटीएफ उसके करीबियों, रिश्तेदारों के यहां दबिशें दे रही है।
बिकरू के आसपास के एक दर्जन गांव, कानपुर देहात, औरैया, मध्य प्रदेश के कुछ शहरों, झांसी, नोएडा, फरीदाबाद आदि शहरों में सर्च ऑपरेशन चलाया मगर पता नहीं लग सका है। दीपू घटना के बाद बिकरू से भागा था उस दौरान उसके पास दो मोबाइल नम्बर थे। पुलिस ने इन नम्बरों को सर्विलांस पर लिया है मगर दोनों स्विच ऑफ है और उनकी आखिरी लोकेशन शिवली में मिली थी। दीपू की तलाश में आधा दर्जन रिश्तेदारों के यहां छापेमारी की गई मगर पता नहीं चल सका। एसटीएफ को जानकारी मिली है कि दीपू दुबे कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में है। इसके लिए कुछ लोग उसकी मदद कर रहे हैं। उन लोगों ने मोबाइल नम्बर भी एसटीएफ के हाथ लगे हैं।
ये थे शामिल :
बिकरू गांव आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद एफआईआर में विकास दुबे के अलावा अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रेम कुमार, प्रभात मिश्रा, बउवा, हीरू, शिवम, जिलेदार, राम सिंह, उमेश चन्द्र, गोपाल सैनी, अखिलेश मिश्रा, विपुल, श्यामू बाजपेई, राजेन्द्र मिश्रा, बाल गोविंद, दयाशंकर अग्निहोत्री, दीपू शामिल थे। जिसमें अब तक पुलिस विकास दुबे, अमर, अतुल, प्रेम कुमार, प्रभात और बउआ को मुठभेड़ में मार गिराया है। जो बचे हुए अपराधी है उनकी तलाश में एसटीएफ लगी है। एक दर्जन लोगों को उठाकर पूछताछ की मगर उनसे कुछ नहीं मिला। सात लोगों को फिलहाल छोड़ दिया गया है।
कई जानकारी मिली :
इधर एसटीएफ को इन गुर्गों के कुछ और सुरक्षित स्थानों के बारे में जानकारी मिली। जहां पर देर रात छापेमारी की गई। इसमें सचेंन्डी और उसके आसपास के गांव शामिल थे। एसटीएफ ने यहां से भी दो तीन लोगों को उठाकर फरार गुर्गों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों के अनुसार अभी एजेंसी को कुछ मिल नहीं सका है जिससे फरार गुर्गों की गिरफ्तारी हो सके।
250 नंबर सर्विलांस पर, 50 की हो रही लिसनिंग
गुर्गों को पकड़ने के लिए टीम ने 250 नम्बरों को सर्विलांस पर लिया हुआ। उनकी ट्रेकिंग की जा रही है। इसके अलावा 50 नम्बरों को लिसनिंग पर लिया गया है। जिनके नम्बर सुने जा रहे हैं वह सभी गुर्गों के सम्पर्क में रहने वाले लोग है। पुलिस को संदेह है कि फरार गुर्गे इनके सम्पर्क में हैं।
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